विनय दूबे/भाईंदर
पालघर (सं.भा.)हर साल मानसून के दौरान सड़कों पर उभरने वाले गड्ढे मीरा-भाईंदर के लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। कहीं वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं तो कहीं खराब सड़कों के कारण यातायात प्रभावित होता है। अब इस समस्या से निपटने के लिए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने तकनीक का सहारा लिया है। मनपा ने ‘Pothole Reporting and Repair System’ नाम से डिजिटल शिकायत व्यवस्था शुरू की है, जिसके जरिए नागरिक सड़क पर गड्ढे की शिकायत सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए मनपा कार्यालयों के चक्कर लगाने या संबंधित अधिकारियों को फोन करने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल ऐप के जरिए गड्ढे की तस्वीर अपलोड करने के साथ उसकी लोकेशन भी भेजी जा सकेगी। शिकायत दर्ज होने के बाद नागरिकों को एक शिकायत क्रमांक मिलेगा, जिसके माध्यम से वे कार्रवाई की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
शिकायत से मरम्मत तक डिजिटल निगरानी
मनपा की इस पहल का उद्देश्य गड्ढों की पहचान और मरम्मत की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाना है। ऐप पर दर्ज शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचने के बाद उसके निवारण की प्रक्रिया शुरू होगी। नागरिक यह भी देख सकेंगे कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई है या नहीं।
एक सप्ताह में 313 शिकायतें
मनपा से मिली जानकारी के अनुसार डिजिटल शिकायत व्यवस्था को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। 1 अगस्त से 7 अगस्त की शाम तक कुल 313 शिकायतें इस माध्यम से प्राप्त हुई हैं। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने से यह भी संकेत मिलता है कि शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या अभी गंभीर बनी हुई है।
ऐप के जरिए ऐसे दर्ज होगी शिकायत
नागरिकों को सड़क पर गड्ढा दिखाई देने पर उसकी स्पष्ट तस्वीर ऐप के माध्यम से अपलोड करनी होगी। मोबाइल की लोकेशन सुविधा के जरिए गड्ढे का स्थान भी सिस्टम में दर्ज हो जाएगा। शिकायत जमा होने के बाद मिलने वाले शिकायत क्रमांक से नागरिक कार्रवाई की प्रगति पर नजर रख सकेंगे।
मनपा के सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गड्ढों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए यह डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य शिकायतों के निवारण में तेजी लाने के साथ पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
‘MBMC Pothole Reporting’ नाम से यह ऐप फिलहाल एंड्रॉइड यूजर्स के लिए उपलब्ध है। अब देखने वाली बात यह होगी कि डिजिटल शिकायत व्यवस्था शुरू होने के बाद क्या वास्तव में शहर की सड़कों से गड्ढों की समस्या खत्म होती है या फिर हर साल की तरह इस बार भी मानसून बीतने के साथ गड्ढों का मुद्दा ठंडे बस्ते में चला जाता है।


