मुंबई (सं.भा.)महानगर में चल रही महत्वाकांक्षी आधारभूत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई महानगरपालिका की ट्री अथॉरिटी ने एक बड़ा फैसला लिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रस्तावित रीडेवलपमेंट और परिवहन परियोजनाओं के रास्ते में आने वाले 1,080 पेड़ों को काटने अथवा दूसरी जगह स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी गई है। इस निर्णय के बाद विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई बहस भी छिड़ गई है।
जानकारी के अनुसार गोरेगांव स्थित मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना के लिए किए गए सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में पेड़ चिन्हित किए गए थे। इनमें से परियोजना में बाधा बनने वाले 220 पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें 89 पेड़ों की कटाई और 131 पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की मंजूरी दी गई है। यह परियोजना क्षेत्र के हजारों परिवारों के पुनर्वास और आधुनिक आवास निर्माण से जुड़ी हुई है।
वहीं घाटकोपर के छेड़ा नगर से आनंद नगर तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना में 621 पेड़ प्रभावित पाए गए। इनमें 218 पेड़ों को हटाया जाएगा, जबकि 403 पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से पूर्वी उपनगरों में यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा।
इसके अलावा बांद्रा क्षेत्र में प्रस्तावित एक रीडेवलपमेंट परियोजना के कारण 239 पेड़ों पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि ट्री अथॉरिटी और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के लिए अधिकतम पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने और नए पौधे लगाने की योजना तैयार की गई है। दूसरी ओर पर्यावरण संगठनों का मानना है कि मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में हर पेड़ महत्वपूर्ण है और विकास कार्यों के साथ हरित संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।


