वसई (सं. भा.) पिछले 3 दिन के सर्वे के बाद बाढ़ से प्रभावित हजारों लोगों के घरों व दुकानों का पंचनामा किया गया, जबकि बारिश में डूबने से 11 लोगों के मौत की पुष्टि भी की गयी है. वहीं अब भी क्षेत्र का कई इलाका ऐसा है, जहां अब तक न ही किसी प्रकार की मदद के लिए कोई सरकारी अमला पहुंचा, न ही किसी प्रकार का सर्वे विभाग द्वारा किया जा सका है. इस संबंध में तलाठी से पूछे जाने पर बताया गया कि जितने टारगेट थे, उसे पूरा कर कलेक्टर तक पहुंचाया जा चुका है, अब और नहीं होना है.
इससे साफ पता चलता है कि बड़े पैमाने पर बाढ़ पीड़ित रहिवासी इस सरकारी सुविधा से अब वंचित रह जाएंगे. पालघर जिलाधकारी डॉ. प्रशांत नारनवरे के निर्देश पर वसई तालुका में बाढ़ पीड़ितों के घरों व दुकानों में हुए नुकसान को लेकर सर्वे कर पंचनामा किया गया. 13 से लेकर 18 जुलाई तक (तीन दिन) में विरार में 155, नालासोपारा में 201, आगाशी में 146, अर्नाला में जीरो, वसई में 88, मांडवी में 185, माणिकपुर में 160 और निर्मल क्षेत्र में 250 सहित 6 हजार 499 लोगों का पंचनामा किया गया है.
वहीं 11 लोगों की मौत होने की पुष्टि विभाग द्वारा की गयी है. मरने वाले के परिजनों को आर्थिक मदद दी जा चुकी है. हालांकि अभी भी कुछ मृतक के परिजन को आर्थिक मदद अगले सप्ताह में दिया जाएगा. वहीं नालासोपारा (पूर्व) के पांडेय नगर, श्रीराम नगर के सागपाड़ा, गरेल पाड़ा, वसई पूर्व के भोईदापाड़ा, माघोरली पाड़ा सहित कई इलाके अब भी ऐसे हैं, जहां अब तक विभाग के लोग या तो सर्वे के लिए पहुंचे ही नहीं और कुछ स्थानों पर पहुंचे भी तो आनन फानन में अपना टारगेट पूरा कर निकल लिए, जिसके कारण क्षेत्र के बड़े पैमाने के रहिवासी बाढ़ पीड़ित इन सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं.


