मुंबई (सं. भा.) कांदिवली पश्चिम, के अभिलाषनगर,शास्त्रीनगर में नदी-नाले की कहानी ने असली रंग दिखाने लगी है छुपी कहानी परदे पर आती दिखने लगी है| जिस मकसद के लिए महारथियों ने चक्रव्यूह रचा है अब कामयाबी की मंजिल की ओर बढ़ रहे है | चक्रव्यूह के घेरे में आए लोगों के सामने हाथ ऊँचा करने के सिवा और कोई रास्ता नहीं बचा | जिसकी लाठी उसकी भैंस की कहानी चरितार्थ होने वाली है | पोईसर नदी-नाले का निर्माण का काम मनपा की रकम से होने के बाद पास के भूखंडों की कीमत आसमान चूमेगी| उक्त नदी-नाले के विस्तार के चलते सैकड़ों झोपड़े प्रभावित होंगे | बाकी आस-पास के जमीन पर बसे १५००-२००० झोपड़ों के लिए एसआरए के तहत विकास की सुगबुगाहट हो चली है | संगठन भारत इस बात की खबर प्रकाशित चुका है कि नेता और बिल्डर की मिलीभगत होने की आशंका है | अब नेतागण जमीन के रिजर्वरेशन आदि हटाकर एसआरए योजना के लायक जमीन बनानें की कवायद में लेगे है| रहिवासी भी विवशता बस उनकी हर बात मानने के लिए राजी हो सकते है | रहिवासी इस बात को लेकर आशंकित है कि अगर नेताओं के बात को अस्वीकार किया तो उन्हें कही अन्यत्र सिफ्ट होना पड़ सकता है| रहिवासियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में सामंजस्य बैठाने की पूरजोर कोशिश हो रही है | जय-जय तो बस्ती के कुछ लोगों की और नेताओं की होनी ही है | अचानक इलाके में विकास के लहर ने चौका दिया है | इस बात की चर्चा जोरों पर है | नेताओं के कार्यालय से गली-कूचे तक जत्थेदार सलाह भरी बातों से एक दूसरे की मन की बात को टटोल रहें है| वर्षों से यहां की बस्ती में बिल्डर आना चाहते थे उनके लिए अब रास्ता खुलता नजर आ रहा है |


