मुंबई (सं. भा.)। ओला उबेर की गाड़ियों से मुकाबला करने के लिए मुंबई की काली पिली टैक्सी व ऑटो चालकों ने डिजिटल तरीका अपनाने का निर्णय लिया है, इसके तहत शहर की सभी काली पिली टैक्सियों व ऑटो को मोबाइल एप्प से जोड़ा जा रहा है। छुट्टे की समस्या से निपटने के लिए शहर की सभी टैक्सियों में जल्द ही स्वैप मशीन नजर आएंगी। पश्चिम महाराष्ट्र टैक्सी-रिक्शा यूनियन ने चालकों के लिए पीएम टैक्सी एप्प तैयार किया है।
यूनियन के महासचिव रनोज कुमार साव ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए एप्प तैयार किया गया है। शहर की ३०० से अधिक टैक्सियों व ऑटो को एप्प से जोड़ा जा चुका है। जल्द ही शहर की सभी गाड़ियों को एप्प से जोड़ दिया जाएगा। बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से चालकों को स्पेव मशीन भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सिटी टैक्सी स्कीम लागू करने की मांग
चालकों ने जल्द सीटी टैक्सी स्कीम लागू करने की मांग की है। पश्चिम महाराष्ट्र टैक्सी-रिक्शा यूनियन के सलाहकार श्रीकांत तातु गावड़े ने कहा कि ओला, उबेर समेत अन्य निजी गाड़ियों का परमिट लम्बी दूरी के होते है लेकिन लम्बी दूरी के बजाए यह कम दूरी के भाड़े उठा रहे है। इस वजह से उनके यात्रियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष २०१५ से सीटी टैक्सी स्कीम प्रस्तावित है, लेकिन प्रशासन अब तक स्कीम को लागू करवाने में असफल साबित हुआ है। रनोज के अनुसार महानगर में टैक्सी चलाने के लिए आरटीओ मान्यता प्राप्त बैच लगाना अनिवार्य है। लेकिन ओला उबेर के चालक बिना बैच के गाड़ी चला रहे है। इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।


