मुंबई (सं. भा.)। जीएसटी लागू हुए एक वर्ष हो गए, लेकिन भारत में समाज के गरीब वर्ग के विद्यार्थियों और प्रोफेशनलों को जीऐसटी से परेशानी जारी है। महाराष्ट्र अर्थारिटी फा@र एडवांस रिलिंग्स (एएआर) के आदेश अनुसार मूल्यवर्धित कोर्स ऑफर करने वाले कोचिंग क्लास एवं इस्टीटयूटों पर १८ प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है, जो अनुचित हे। ये विद्यार्थियों की मदद इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने में करते है तथा प्रोफेशनल कोर्स प्रदान करने वाले निजी संस्थान, जो विद्यार्थोयों की मदद वढ़ने और उनके कैरियर में सुधार करने में करते है, पर १८ प्रतिशत घातक है।
विद्यार्थियों पर बढ़ेगा बोझ
एक और सरकार ने ऐसे कॉलेजो और संस्थानों को जीएसटी से पूर्णतया छूट दे दी है, जो एआईसीटीई या युसीजी से स्वीकृत है, जबकि दूसरी और प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन कोर्सेस एवं प्रशिक्षण प्रोग्राम ऑफर करते कोचिंग क्लास तथा निजी संस्थाओंपर १८ प्रतिशत की ऊंची दर से जीएसटी लगाई गया है। नई शासन प्रणाली में कराधान की दर ऊंची होने से पूरे भारत में कोचिंग संस्थानों ने मेडिकल तथा इंजिनियरिंग परीक्षाओंकी तैयारी के लिए फीस बढ़ा दी है। सरकार के इस कदम का असर न सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओंकी तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर होगा।


