मुंबई (सं. भा.)। कांदिवली (प.), गणेश नगर के रहिवासी इन दिनों खुश नजर आ रहे हैं। यह खुशी उन्हें मुंबई हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद मिली है जिसमें कहा गया है। कि यहां के झोपड़ा धारकों की जमीन पर एस आर ए से जुड़ा कोई भी काम १२ सप्ताह तक नहीं किया जाए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि निर्देशित किया है कि इन १२ हपÌतों में सुनवाई पूरी कर दी जाएगी।
बता दें कि गणेश नगर के के. डी. कंपाउंड, खान गल्ली में लगभग ६ हाऊसिंग सोसायटी हैं जहां सिद्धिविनायक इंफ़्रा और रुपारेल बिल्डर मिलकर जबरन एसआरए स्किम लाना चाहते हैं। इसी कड़ी में इन बिल्डरों ने एसआरए अधिकारियों से मिली भगत कर सभी ६ सोसायटियों का एक हीं एलओआई लाने में सफल रहे । ऐसे में जब कोई सोसायटी वाला एसआरए के विरोध में झोपड़पट्टी पुनर्निवास योजना कार्यालय में विरोध दर्ज कराने जाता था तो वहां अधिकारी उक्त एलओआई का संदर्भ दे कर कहता था कि तुम्हारी संख्या बहुत कम है। बिल्डर और एसआरए अधिकारियों द्वारा इन हाउसिंग सोसायटी वालों के साथ किए गए इस छल के खिलाफ लालचंद्र प्रसाद हरिजन के नेतृत्व में मुंबई हाई कोर्ट के शरण में जाना पड़ा। दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सूनने के बाद ३ मई २०१८ को हाई कोर्ट ने आदेश देते हुए एस आरए कार्यालय, बिल्डर सहित अन्य को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि १२ हपÌतों तक उक्त सोसायटियों की जगह पर एस आरए से जुड़ा कोई काम नहीं किया जाए। हाई कोर्ट से मिले इस राहत से लोग फिलहाल काफी खुश नजर आ रहे हैं।


