बांदा (सं. भा.) : शहर के केवटरा मोहल्ले में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण घरों के बाहर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। जिससे लोग संक्रामक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। नालियां कूड़े से पटी हुई हैं। सड़कों के बीच की पुलिया टूटी हैं। जिनसे आए दिन घटनाएं हो रही हैं। सरकारी कालोनी में सड़क का नामो -निशान तक नहीं है। लोगों ने समस्याओं को लेकर कई बार आवाज बुलंद की। दुर्दशा का वीडियो मोबाइल से बनाकर अफसरों तक को दिखाया, लेकिन स्थिति जस की तस है।
केवटरा मोहल्ले में कई गलियों की दुर्दशा देखते ही बनती है। केन पथ रोड से केवटरा मोहल्ले को जाने वाली गली की स्थिति यह है कि सुबह के समय सड़क पर नाली का गंदा पानी भरा रहता है। बारिश के दिनों में घर के निचले हिस्सों में नाली का पानी घुटनों तक भर जाता है। करीब पांच साल पहले मुख्य सड़क पर ऊंचाई से नाला बनाया गया। जिसकी वजह से घरों का पानी नाले तक नहीं पहुंच पाता है। पीने के पानी की स्थिति भी बेहद खराब है। सप्लाई आने पर लोगों को हर वक्त पानी मिलता है। लेकिन किसी वजह से जल संस्थान ने सप्लाई नहीं दी तो लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकते नजर आते हैं। गलियों में साफ-सफाई तो ठीक-ठाक होती है। लेकिन महीनों गुजर जाने पर भी नालियां नहीं साफ होती हैं। यही वजह है कि नालियों में कचरा जमा रहता है। जिससे जल निकासी नहीं हो पाती है। गंदगी की वजह से लोग संक्रामक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप अधिक है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान नेताओं को समस्याएं गिनाई, लेकिन निराकरण आज तक नहीं हुआ।


