उन्नाव (सं. भा.) : मौसम के तेवर बदलते ही संक्रामक रोगों का हमला तेज हो गया। शुरुआती दौरा में अभी डेंगू और जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज भले ही न मिल रहे हो, लेकिन डायरिया और वायरल फीवर का हमला लगातार तेज होता जा रहा है। 24 घंटे में डायरिया पीड़ित 29 मरीजों को भर्ती किया गया, इनमें डायरिया पीड़ित दो बुजुर्गों की जान चली गई।
डायरिया पीड़ित रोगियों की संख्या में इजाफा होने से बेडों की किल्लत बनी है। एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती करना डॉक्टरों की मजबूरी बना है। इसे लेकर आए दिन रोगियों के तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच तीखी झड़प होती है। स्वास्थ्य कर्मियों को तीमारदारों की खरी खोटी सुननी पड़ती है वह अलग से। थाना मौरावां के गांव हिलौली निवासी कल्लू (65) को शुक्रवार रात उल्टी और पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल लाया गया यहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती कर लिया। उपचार के दौरान शनिवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। इसी तरह शहर के मोहल्ला जगन्नाथगंज निवासी कैलाश श्रीवास्तव की 68 वर्षीय पत्नी को उल्टी और पेटदर्द की शिकायत पर रविवार को सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया कुछ घंटों बाद उनकी भी मौत हो गई। अभी भी डायरिया पीड़ित डेढ दर्जन मरीजों का इलाज चल रहा है।


