मुंबई (सं. भा.)। कांदिवली पश्चिम गणेश नगर, चारकोप क्षेत्र में पड़ने वाला वार्ड क्रमांक ३१ में इन दिनो भू माफियाओंका राज कायम है। इस वार्ड में शायद ही कोई गल्ली बचा है जहां भू-माफियों द्वारा अवैध निर्माण को अंजाम नहीं दिया जा रहा है। धड़ल्ले से चल रहे इन अवैध निर्माणों पर आर दक्षिण विभाग के बिल्डिंग व फैक्ट्री विभाग के इंजीनियर क्यों मेहरबान हैं यह स्थानीय लोगों के समझ से परे है। अवैध निर्माणों की अंबार लगाने वाले भू-माफियाओंके खिलाफ सहायक मनपा आयुक्त संजय कुर्हाडे कार्यवाई करने से क्यों डरते हैं यह प्रश्न बना हुआ है। वार्ड ३१ के हालात को देखते हुए स्थानीय जनता यह सवाल भी उठा रही है कि आखिर यहां का माय-बाप कौन है। सहायक मनपा आयुक्त कुर्हाडे या भाजपा नगरसेवक कमलेश यादव।
बता दें कि यहां के नगरसेवक बनने के बाद से कमलेश यादव के समर्थकों को चांदी हो गई है। इन में सबसे पहले नंबर पर आते है निजामुद्दीन खान। यह न सिर्फ वार्ड ३१ में अवैध निर्माण करने में सफल रहे हैं बल्कि इन्हें कमलेश यादव ने इस क्षेत्र में चलने वाले दतक बस्ती योजना का अधिकांश हिस्सा दे रखा है। स्थानीय लोगों की माने तो निजामुद्दीन अपने आका कमलेश यादव की कृपा से जितना सफल अवैध निर्माण करने में हैं उतना हीं असफल दतक बस्ती योजना के तहत की जाने वाली साफ सफाई में रहे हैं। इसी प्रकार भाजपा कांदिवली विधान सभा के महामंत्री संजय सिंह ठाकुर ने तो ग्राउंड प्लस दो अतिरिक्त मंजिल का निर्माण कर डाला है। इसके लिए मनपा आर दक्षिण विभाग से उन्होंने कोई अनुमति नहीं ली है यानी उनके अवैध निर्माण पर सहायक मनपा आयुक्त संजय कुर्हाडे और नगरसेवक कमलेश यादव की कृपा साफ बरसती दिखाई दे रही है। वार्ड ३१ में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर यहां की पूर्व नगरसेविका गीता यादव का आरोप है कि आर दक्षिण वार्ड के मनपा अधिकारी कमलेश यादव के हाथों बिक चुके हैं। उनका यह भी आरोप है कि यहां भाजपा वाले ही सबसे ज्यादा अवैध निर्माण में लिप्त हैं। उन्होंने जल्द ही इन अवैध निर्माणों को लेकर मनपा के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।


