मुंबई (संवाददाता)। समुद्र किनारे विशेषकर पश्चिमी उपनगर में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। सीआरजेड कानून की वजह से समुद्र किनारे की जमीनें विकसित नहीं हो पा रही थीं, सरकार उसको शिथिल करने जा रही है। सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार किया है,जिसके अनुसार सीआरजेड की सीमा ५०० मीटर से घटाकर अब २०० मीटर की जाएगी। पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया है कि सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, एक सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
केंद्र से मंजूरी मिलते ही समुद्र किनारे से २०० मीटर दूर की सभी जमीनें अब विकसित हो सकेंगी। पर्यावरण क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि सीआरजेड की सीमा कम करने से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है। विशेषज्ञों के राय के बाद सरकार ने इस तरह का प्रस्ताव तैयार किाया है।
मुंबई के पश्चिमी उप नगर के अंधेरी से लेकर बोरिवली तक समुद्र किनारे की हजारों एक़ड जमीनें सीआरजेड के कारण अटकी प़डी हुई हैं। लोगों को मजबूरन झोप़डों में रहना प़ड रहा है। सीआरकेड कानून में बदलाव के बाद संभव है कि पश्चिमी उपनगर में वर्षो से लटके हाउसिंग प्रोजेक्ट को गति मिले। जीआरजेड कानून की शिथिलता से मुंबई के ब़डे पैमाने पर नए हाउसिंग प्रोजेक्ट आएंगे। पश्चिमी उपनगर में आसमान छूते फ्लैटों की कीमत भी कम होगी ।


