इलेक्ट्रोनिक मीडिया, सोशल मीडिया और दैनिक अखबारों के इस दौर में साप्ताहिक अखबार के लिए बाजार में बने रहना आसान नहीं है सीमित संसाधन और महंगाई के साथ बढ़े खर्चे का बोझ उठाते हुए लगातार 12 साल तक किसी अखबार का प्रकाशन करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है इस कार्य को पूरा करना संगठन भारत के मालिक, मुद्रक, प्रकाशक और संपादक राजकिशोर तिवारी जैसे कर्मठ लोगों के लिए ही संभव है। सभी समाज के बीच अखबार और उसकी खबरों की विश्वसनीयता बनाये रखना, आम लोगों की आवाज उठाते रहना तथा शासन प्रशासन की कमियों को उजागर करने का काम पिछले 12 सालों से संगठन भारत करता आ रहा है। 12 साल का सफर इतना आसान तो नहीं होता राह में अनेक चुनौतियां आई होंगी, सच के लिए आवाज उठाने पर विरोध का भी सामना करना पड़ा होगा फिर भी अखबार ने इसकी परवाह नहीं की राजकिशोर तिवारी अपने मिशन पर डेट रहे। और अपनी पूरी संपादकीय टीम के साथ अखबार को लोगों के सामने लाते रहे। संगठन भारत की लोकप्रियता का एक कारण मै यह भी मानता हु की इसने बिना किसी भेदभाव के सभी राजनितिक दलों और उनके नेताओं को स्थान दिया। जहां उनके अच्छे कामों की सराहना की तो अलोकप्रिय कामों की निंदा भी की। निश्चित रूप से यह सराहनीय और अभिनंदनीय कार्य है मै इसके लंबे और उज्जवल भविष्य की कामना करता हु।
भानुप्रकाश मिश्र- वरिष्ठ पत्रकार मुंबई


