फतेहपुर (सं. भा.) : शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह का जन्म दिवस धूम-धाम के साथ जिले भर में मनाया गया। विविध आयोजनों में उन्हें किसान मसीहा का दर्जा देते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। कृषि विभाग ने जन्म दिन को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाते हुए जिले के 34 प्रगतिशील किसानों को कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने पर नकद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
जीटी रोड़ स्थित कृषि भवन में किसान सम्मान दिवस को संबोधित करते हुए जिला अधिकारी कुमार प्रशांत ने कहा कि कृषि का मतलब सिर्फ परंपरागत खेती नहीं है, बल्कि कृषि के अनेक आयाम हैं। किसान सरकार की नई सोच व नई तकनीक से जुड़कर खेती कर अपनी आय को दोगुना करें। इस मौके पर अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता ने कहा कि कृषि प्रधान देश में किसान विकास की धुरी है। जब किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल बनेगा। उपनिदेशक कृषि प्रसार जीसी कटियार, कृषि अधिकारी अमर सिंह, कृषि वैज्ञानिक डा. आरके सिंह, डा. देवेंद्र स्वरूप, लोकनाथ पांडेय, जय नारायण, सत्य प्रकाश, शैलेंद्र तिवारी, जयदेव सिंह, अशोक तपस्वी, बजरंग सिंह, मनीष तिवारी ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए।
उधर, लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल फाउण्डेशन के मुख्य ट्रस्टी राजेश सिंह की अगुवाई में 115वीं जयंती मनायी गयी। फाउडेंशन की ज्योति प्रवीण, गुरू प्रसाद, भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह कैलाश द्विवेदी, जगतपाल पासवान, ओमप्रकाश, देवेंद्र वर्मा, विनय पाल उर्फ पप्पू ने सिंचाई विभाग स्थिति चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गोष्ठी में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उधर राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष अनंत सिंह गौतम के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने नहर कालोनी स्थिति प्रतिमा पर फूल माला चढ़ाकर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। इस मौके पर राम चंद्र सिंह, अंशू पटेल, हनुमान दुबे, रवि मौर्य, राजू पासवान, सुरेश गौतम आदि रहे।
भाजपा किसान किसान मोर्चा ने किया याद
चौधरी चरणसिंह की जयंती पर भाजपा किसान मोर्चा ने एक गोष्ठी देवीगंज स्थित कार्यालय में की। यहां पर उनके व्यक्तिव एवं कृतित्व पर चर्चा करने के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक अवस्थी, राजा सिंह कछवाह, पंकज मिश्रा, रामदत्त यादव, सुशील तिवारी बच्चा, केशव मिश्र, चंद्रपाल विश्वकर्मा, रामशंकर गुप्ता, गोलू शुक्ला आदि ने उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।


