मुंबई (सं. भा.) भारत बायोटेक द्वारा निर्मित ‘कोवैक्सीन’ को कोरोना टीकाकरण के अगले चरण के लिए जल्द ही उतारा जाएगा। इस बार कोवैक्सिन का यह टीका बच्चों को दिया जाएगा और इसकी शुरुआत नागपुर से होगी।
कोवैक्सिन बनाने वाली कंपनी Bharat Biotech अब छोटे बच्चों पर भी वैक्सीन का टेस्ट करने के लिए तैयार है। यह टेस्ट अगले महीने से 2 से 18 वर्ष के बच्चों पर किया जाएगा। वर्तमान में, देश में 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को टीका लगाया जा रहा है।
भारत में कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ। हालांकि, पहले चरण में, केवल फ्रंट लाइन कार्यकर्ताओं और 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। अब जबकि स्कूल भी शुरू हो गए हैं तो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए चिंतित हैं। माता-पिता को लगता है कि अगर उनके बच्चों को टीका लगाया जाता है, तो वे सुरक्षित रूप से स्कूल जा सकेंगे।
देश के ड्रग रेगुलेटरी द्वारा 18 साल से कम के बच्चों पर टेस्ट की अनुमति मांगी गई है। इस चरण में सभी प्रकार के बच्चों की जांच की जाएगी। उनकी कोविड के साथ-साथ उनकी एंटीबॉडी की जांच भी की जाएगी, फिर उन्हें टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण के बाद, उन्हें 14 दिनों, 28 दिनों और 42 दिनों के लिए निगरानी में रखा जाएगा, और इस बात की निगरानी की जाएगी कि, उन पर कोई दुष्प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है। यह टेस्ट 2 से 5 वर्ष की आयु, 6 से 12 वर्ष की आयु और 12 से 18 वर्ष की उम्र वालों पर विभिन्न स्तर के अनुसार किए जाएंगे। इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में भी रहने वाले बच्चों को टीका दिया जाएगा। टीकाकरण से डॉक्टरों का आत्मविश्वास बढ़ा है क्योंकि टीकाकरण के दौरान अभी तक कोई दुष्प्रभाव नहीं सामने आया है। नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में अगले महीने से टेस्ट शुरू होगा।


