विरार (सं. भा.) | मानसून में झील झरनों में ज्यादा पानी जमा होने से उसमे डूबने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए पालघर जिला प्रशासन ने जिले के सात तहसीलों के पिकनिक स्पॉट पर जाने वाले पर्यटकों से अपील की है की बारिश के दौरान झील व् झरनों में नहाने की कोशिश न करे । पालघर जिले में मानसून के मौसम में झरने, झीलें, बांध, किले और समुद्र तट के किनारे बड़ी संख्या में पर्यटक पिकनिक मनाने आते हैं। यहां जानमाल के नुकसान की कई घटनाएं होती हैं। अपर जिला दंडाधिकारी डॉ. किरण महाजन ने कोरोना वायरस के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए इस दौरान लोगों से इन जलप्रपातों, झीलों, बांधों, किलों और समुद्र तटों पर नहीं जाने की अपील की है। ज्ञात हो कि मानसून के मौसम में पालघर जिले में झरनों, झीलों, बांधों, किलों और समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने के कारण भीड़भाड़ और सामाजिक दूरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अतः इस स्थान पर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए दंड प्रक्रिया संहिता १९७३ की धारा १४४ एवं धारा ५१ (बी) के तहत आदेश के तहत आपदा प्रबंधन अधिनियम २००५ के तहत दिनांक ११/०६/२०२१ से ०८/०८/२०२१ तक, पालघर जिले के वसई तालुका को छोड़कर, शेष ७ तालुका क्षेत्र के सभी झरनों, झीलों, बांधों, किलों और समुद्र तटों पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


