मंदिरों में बड़ी संख्या में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई (सं. भा.) भगवान सूर्यदेव के राशि परिवर्तन का पर्व मकर संक्रांति, मुंबई में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। लोगों ने दान धर्म के इस त्योहार पर मंदिर मठों में दान देकर भगवान का आशीर्वाद लिया। मकर संक्रांति पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने समुद्र और धार्मिक स्थलों पर गंगा का स्मरण कर डुबकी लगाई। मुंबई व उपनगरों में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भगवान सूर्य की पूजा अर्चना की। सूर्य के उत्तरायण होने से मकर संक्रांति से सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो गयी। इस दिन जहां दक्षिण भारत के लोगों ने पोंगल का त्यौहार मनाया, वहीं उत्तरायणी पर उत्तर भारतीय समाज ने कई जगह खिचड़ी का सामूहिक आयोजन किया। अन्य समुदाय के लोगों ने अपने अपने राज्य की परंपराओं के अनुसार मकर संक्रांति मनाई, मुंबई व उपनगरों के मंदिरों में जहां दान देने वालों में उत्साह था, वहीं गरीब जरूरतमंदों की भीड़ भी देखी गई।

असमान में उड़ीं रंग-बिरंगी पतंगें
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की प्राचीन परंपरा आज भी देखने को मिली। बच्चे सार्वजनिक उद्यानों, इमारतों की छतों पर पतंगबाज पेंच से पेंच लड़ाते नजर आये।


