20 दिन बाद दो लुटेरों समेत पांच गिरफ्तार
वसई (सं. भा.) — वसई पूर्व में 10 जनवरी को बंदूक की नोक पर मयंक ज्वैलर्स से 71 लाख रुपये से अधिक के सोने के आभूषण लूटने के मामले में पुलिस ने 20 दिनों की मशक्कत के बाद दो लुटेरों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मीरा भयंदर-वसई विरार (एमबीवीवी) पुलिस की छह टीमों ने मिलकर इस डकैती का पर्दाफाश किया।
यह घटना वसई (पश्चिम) के भबोला-चुलना रोड पर एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित मयंक ज्वैलर्स में हुई थी। दुकान के मालिक रतनलालजी सिंघवी (69) जब अपना काम खत्म करने की तैयारी कर रहे थे, तभी दो लोग बाइक पर आए। बाइक सवार ने हेलमेट पहना हुआ था, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति ने मास्क लगा रखा था। रात करीब 9:13 बजे दोनों शोरूम में घुसे, जिनमें से एक ने बंदूक निकालकर सिंघवी को धमकाया। जब सिंघवी ने विरोध करने की कोशिश की, तो लुटेरों ने उनके सिर पर बंदूक की बट से वार किया और लॉकर से 949 ग्राम से अधिक वजन के सोने के आभूषण लूटकर भाग गए।
महज पांच मिनट में अंजाम दी गई इस सशस्त्र डकैती ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीसीपी (जोन II) पूर्णिमा चौगुले-श्रृंगी ने घटनास्थल का दौरा कर अपराधियों को पकड़ने के लिए छह टीमों को तैनात किया। पुलिस ने लगभग 600 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध बाइक दिखाई दी, जो हेडलाइट की चमक के साथ एक अलग तरह का हॉर्न बजा रही थी।

जांच में पता चला कि यह बाइक गिरिज टोकपाड़ा इलाके की एक कुख्यात अपराधी की इमारत में घुसी थी। पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी अनुज गंगाराम चौगले (36) और रॉय एडवर्ड सिक्वेरा उर्फ रॉयल (46) को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ के बाद उनके साथियों सीताराम सरजेराव मोरे उर्फ लालसिंह (56) और सौरभ तुकाराम रक्षे उर्फ पप्पू (27) को सतारा से गिरफ्तार किया गया, जबकि चोरी की गई संपत्ति के खरीदार अमर भारत निमगिरे (21) को कर्नाटक से पकड़ा गया।
डीसीपी (जोन II) पूर्णिमा चौगुले-श्रृंगी ने बताया, “यह हमारे लिए एक कठिन चुनौती थी, लेकिन हमारी टीमों ने इस मामले को सुलझाने के लिए अथक प्रयास किया, क्योंकि डकैती बहुत ही सावधानी से प्लान की गई थी।”
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्वचालित पिस्तौल, जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, दरांती, कटर और 23.39 लाख रुपये से अधिक मूल्य का 297 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया है। इस हाई-प्रोफाइल डकैती के खुलासे के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।


