- निवासियों को मिली फौरी राहत
मुंबई (सं. भा.)। मालाड वेस्ट के ममलतदारवाड़ी इलाके के निवासियों को मुंबई महानगरपालिका (मनपा) की एकतरफा कार्रवाई से फिलहाल राहत मिली है। रोड नंबर 6 को चौड़ा करने के मनपा के काम पर मुंबई हाई कोर्ट और सिविल कोर्ट ने एक महीने के लिए रोक लगा दी है। यह फैसला उन स्थानीय निवासियों की याचिका पर आया है, जिन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के शुरू की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, मनपा ममलतदारवाड़ी में 4.5 मीटर चौड़ी सड़क को अचानक 9 मीटर तक चौड़ा करने में जुट गई थी। निवासियों को इस योजना की जानकारी तब हुई, जब 30 अप्रैल को जेसीबी मशीनें उनकी इमारतों की कंपाउंड की दीवारों को तोड़ने के लिए पहुंच गईं। इस अप्रत्याशित कार्रवाई से नाराज होकर आसपास की चार इमारतों के निवासियों ने तुरंत कानूनी सहारा लिया और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मनपा द्वारा यह सड़क चौड़ीकरण का कार्य इतनी जल्दबाजी में इसलिए किया जा रहा है, ताकि पास में ऊंची इमारत बनाने की योजना बना रहे एक निजी बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। चौड़ी सड़क से बिल्डर को फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इलाके के लोगों ने यह भी दावा किया है कि जिस सड़क को चौड़ा किया जा रहा है, वह वास्तव में एक निजी जमीन पर स्थित है और मनपा ने इस संबंध में न तो कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी की है और न ही प्रभावित निवासियों को किसी प्रकार के मुआवजे की पेशकश की है। इसके अतिरिक्त, सड़क पर मौजूद लगभग 52 पेड़ों और इमारतों की संरचना को भी इस निर्माण कार्य से नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कुछ निवासियों ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि यदि कंपाउंड की दीवारों को हटा दिया गया, तो इमारतों के पास वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बचेगी, जिससे उन्हें सड़क पर वाहन खड़ा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और जुर्माना भरना पड़ेगा। कोर्ट के इस अंतरिम आदेश ने फिलहाल निवासियों को राहत की सांस दी है, लेकिन यह देखना होगा कि एक महीने बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।


