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हिंदी-चीनी, भाई-भाई

चीन और भारत को आम तौर पर एक-दूसरे के खिलाफ रस्साकशी करते देखा जाता रहा है लेकिन नेपाल की त्रासदी दोनों देशों को साथ ले आई है। नेपाल में बाढ़ से हुई भीषण तबाही के बाद दोनों देशों की टीमें यहां मिलकर काम कर रही हैं। चीन ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों की खोज के लिए टीम भेजी है। वहीं भारतीय सेना का दल भी नेपाल में लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रहा है। खासतौर से सुरंग और दूसरे मुश्किल अभियान के लिए चीनी और भारतीय दल पहुंचे हैं। बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल इससे उबरने के लिए जूझ रहा है। मलबे से लाशें निकालने और लोगों को तलाशने में उसे अपने दो पड़ोसियों-चीन और भारत की मदद मिल रही है। नेपाल के रसुवा के भोटेकोशी इलाके में आई भयानक बाढ़ के बाद चीन ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सुरंग बचाव विशेषज्ञों को नेपाल भेजा है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के चार सुरंग बचाव विशेषज्ञों के साथ ये हेलीकॉप्टर शनिवार को नेपाल पहुंचा। हेलीकॉप्टर सीधे केरुंग बॉर्डर से उड़ा और संबंधित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के पावरहाउस इलाके में उतरा। भारतीय सेना के नेतृत्व वाली 26 सदस्यों की एक टीम बचाव अभियान में मदद के लिए स्याफ्रुबेसी पहुंची है। नेपाली सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से भेजी गई इस टीम में भारतीय सेना के आठ जवान, सिग्नल विभाग के आठ कर्मी, नेपाली सेना के दो जवान, एक अनुवादक, बेली ब्रिज बनाने वाले चार विशेषज्ञ और तीन क्रू सदस्य शामिल हैं। बुधवार सुबह आई बाढ़ के बाद रसुवा में कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों और जमीन के नीचे बनी संरचनाओं में नेपाली और विदेशी इंजीनियर, टेक्नीशियन और मजदूर फंस गए हैं। शुरू में नेपाल की बालेन सरकार ने विदेशी मदद लेने के इनकार कर दिया था लेकिन एक दिन बाद ही उसने ये फैसला पलटा और विदेशी मदद स्वीकार की। चीनी विशेषज्ञ नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में शामिल होंगे। चीनी सुरंगों में फंसे लोगों का पता लगाने और जमीन के नीचे बनी जटिल संरचनाओं में बचाव अभियान चलाने में तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेंगे। चीनी टीम नेपाली बचाव कर्मियों के साथ तालमेल बिठाएगी और प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर बचाव कार्यों में मदद करेगी। चीन ने पहले रसुवा में बाढ़ के बाद नेपाल को दो मिलियन डॉलर की नकद सहायता देने की घोषणा की थी। वह दो सैन्य कार्गो विमानों के जरिए नेपाल को जरूरी आपातकालीन राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है। चीन ने राहत सामग्री के साथ-साथ सुरंग बचाव और तकनीकी कार्यों में विशेषज्ञता रखने वाली दो टीमें भेजने का ऐलान किया था। भोटेकोशी इलाके में आई बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। यहां बाढ़ ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, बस्तियों, सड़कों और बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया है। नेपाल के सामने सबसे बड़ी मुश्किल सुरंग में फंसे लोगों को बचाने की है। नेपाली कर्मियों ने विदेशी मदद से सुरंगों में फंसे लापता लोगों की खोज का अभियान तेज किया है। नेपाल में बाढ़ से मरनेवालों की संख्या लगभग 700 के पार पहुंच गई है, जबकि करीब 2 हजार लोग अभी भी लापता बताए गए हैं। नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत पड़ सकती है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने यह आंकड़ा दिया है। वागले ने कहा कि नुकसान का यह शुरुआती अनुमान है। नेपाल हालिया दशकों की सबसे बड़ी तबाही से जूझ रहा है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई बाढ़ ने किनारे पड़ने वाले गांवों, बाजारों और पनबिजली परियोजनाओं को बहा दिया। बाढ़ की वीडियो और तस्वीरें दहलाने वाले हैं, जिसमें घर, पुल और गाड़ियां कागज के खिलौनों की तरह बहती नजर आ रही हैं। इस तबाही के बीच नेपाली सेना के जवानों की तस्वीरें आई हैं, जिनकी हर कोई तारीफ कर रहा है। नेपाल की सेना बाढ़ के बाद कीचड़ और मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन के ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जिसे देखकर आप हैरान होने के साथ ही तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे। ऐसा ही एक वीडियो है जिसमें नेपाली सेना के जवान हेलिकॉप्टर से एक युवक को रेस्क्यू करते हैं। वीडियो में एक हेलिकॉप्टर बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों के ठीक ऊपर उड़ता दिखाई देता है। घर और उस बस्ती के चारों तरफ बाढ़ का मलबा बिखरा हुआ है। इस दौरान छत पर एक युवक दिखाई देता है। क्लिप में हेलीकॉप्टर इमारत के बिल्कुल पास तक जाता है और जवान हाथ पकड़कर युवक को अंदर खींच लेता है। एक दूसरी क्लिप दिखाया गया है कि रसुवा जिले में बाढ़ के बाद नेपाली सेना ने अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल में फंसे लोगों को कैसे बचाया। टनल के अंदर ज्यादातर मजदूर फंसे थे, लेकिन इनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद सैनिक कीचड़ वाले मलबे में रेंगते हुए टनल तक पहुंचते हैं और लोगों को सुरक्षित निकालते हैं।

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