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मुंबई पुलिस का मानवीय चेहरा, एक साल के बाद परिवार से मिली महिला

मुंबई (सं. भा.) अक्सर लोग पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आलोचना करते रहते है लेकिन उनके सामने उत्पन्न समस्याओ का आकलन नहीं करने से इनकी कार्यक्षमता का सही मूल्यांकन नहीं हो पाता। पिछले कई दशकों से स्कॉट यार्ड जैसी तेज तर्रार पुलिस का तमगा प्राप्त करने वाली मुंबई पुलिस आज भी उसी जज्बे से काम करती है माना की कुछ पुलिस वालो की संदिग्ध कार्यप्रणाली उसके इस रुतबे में सवालिया निशान खड़ी कर देती है लेकिन मालाड पुलिस स्टेशन के पुलिस उप-निरीक्षक सुरेश पाटिल के काम करने के जूनून ने सालों से लापता गर्भवती बिक्षिप्त महिला को अरसे से बाद उसके परिवार से मिलाकर सराहनीय कार्य करते हुए मुंबई पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर किया है।

जानकारी के अनुसार पिछले साल सितम्बर में गणेशोत्सव के दौरान पाटिल को रात में  ड्यूटी के समय  सुचना मिली की एक लगभग २८ वर्ष की विक्षिप्त महिला बेहोस पड़ी हुई है उन्होंने अपनी ड्यूटी के फर्ज को समझते हुए अँधेरी के कूपर अस्पताल में भर्ती कराया जहा डॉक्टरों ने उसे ६ महीने की गर्भवती बताते हुए उसकी मानसिक स्थिति को ठीक नहीं बताया।  प्राथमिक इलाज के बाद उसे पुलिस ने ठाणे के मेन्टल अस्पताल में भर्ती करा दिया जहा उसने जनवरी में एक बच्ची को जन्म दिया।  मनोचिकित्स्को का इलाज रंग लाया और महिला ने अपने और परिवार के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी पुलिस को दी इस बीच उसकी मानसिक दसा को देखते हुए पुलिस ने उसकी बच्ची को कांजुरमार्ग स्थित वात्सल्य ट्रस्ट बालकल्याण में पालन पोषण के लिए भेज दिया जैसे जैसे महिला का उपचार हो रहा था पुलिस के सामने उसको उसके परिवार से मिलाने की चिंता हो रही थी।  कहा जाता है की नेक काम में भगवान भी इंसान की मदद करता है यह उस समय साबित हो गया जब इंस्पेक्टर पाटिल उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित एक गांव में एक केश के सिलसिले में गए हुए थे जहा उन्होंने महिला की फोटो दिखाते हुए लोगो से मदद करने की बात कही. संजोग से उस महिला और उसके परिवार की जानकारी वही मिल गई पुलिस ने उसके पति विशम्भर निषाद को मुंबई लाकर उसकी पत्नी और बच्ची से मुलाकात करवाई। उल्लेखनीय है की निषाद ने अपनी पत्नी के लापता होने की सुचना स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी अब पुलिस के सामने सवाल यह है की वह महिला उन्नाव से मुंबई कैसे पहुंची। जिस तरह से पुलिस अधिकारी सुरेश पाटिल ने कई महीनो तक खाक छानने के बाद असंभव से लग रहे इस केश में महिला उसकी बच्ची को उसके परिवार से मिलाया है उससे उम्मीद की जा रही है की जल्द ही महिला के उन्नाव से मुंबई आने मामले पर से पर्दा उठ जायेगा।

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