मुंबई (सं. भा.) आचारसंहित लागू होने से पहले ही सड़को के निर्माण कार्य का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद भी सड़को का काम शुरू नहीं किए जाने का मुद्दा मनपा स्थायी समिति की बैठक में छाया रहा तीन महीना पहले करोड़ो रूपए का के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बावजूद वर्क आर्डर नहीं आने से सभी दलों के सदस्यों ने मनपा प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया लोकशभा चुनाव आचार संहिता से सड़को के कार्य प्रभावित न हो इसके लिए फरवरी में ही करोड़ो रुपए का प्रस्ताव मंजूरी प्रदान की गई थी।
मंजूरी मिलने के सात दिन के भीतर वर्क आर्डर निकलना आवश्यक होता है लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं निकाला गया . मुंबई व उपनगरो में सड़को की ख़राब स्थिति को लेकर नगरसेवको ने सवाल उठाया।
भजपा नगरसेवक अभिजीत सावंत ने पूछा कि आचार संहिता से पहले प्रस्ताव मंजूर होने के बावजूद काम क्यों रुका रहा।
महीनो भर में बरसात शुरू होने वाली है उससे पहले काम पूरा होना मुश्किल लग रहा है ऐसे समय में रास्तों की क्या स्थिति होगी।
प्रशासन के ओर से कहा गया आचार संहित के कारण रास्तों का काम रुका हुआ है आचार संहित हटते ही काम शुरू किया जाएगा। सावंत ने कहा कि अचार
संहित से पहले काम मजूंर हुआ है इसलिए आचारसंहिता का कारण देना उचित जवाब नहीं है यह प्रशासन की लापरवाही है. प्रशासन ठेकेदारों की तरफदारी कर रही है जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेगें। विरोधी दल ने के नेता रवि राजा ने कहा कि काम आचार संहिता के कारण नहीं, प्रशासन की लापरवाही के कारण अटका हुआ है. भाजपा के नगरसेविका ज्योति अलवणी ने कहा की हमारे विभागों के रास्तो की हालत बहुत ही दयनीय है. कई सड़को पर गड्ढे होने के कारण यातायात के स्थिति खराब है जिसका खामियाजा लोगो को भुगतान पड़ रहा है स्थायी समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने कहा की रास्तो कि समस्याओं पर प्रशासन जल्द से जल्द ध्यान देकर काम को शुरू करे .


