बढ़ी मांग
मुंबई (सं. भा.) पश्चिम रेलवे की रूट पर चलने वाली एसी लोकल में यात्री यात्रा करना ज्यादा पसंद करने लगे हैं। इस वजह से एसी लोकल पश्चिम रेलवे के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन गई है। ऐसे में यात्रियों की बढ़ती मांग के बीच मुंबई के उपनगरीय मार्ग पर कमाई के मामले में एसी लोकल पश्चिम रेलवे के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। रेलवे को एसी लोकल की हर सर्विस से ज्यादा कमाई हो रही है। पश्चिम रेलवे से प्राप्त आंकड़ों को देखें तो नॉन एसी लोकल की प्रत्येक सर्विस से 12652 रुपए की कमाई होती है जबकि एसी लोकल की प्रत्येक सर्विस से 45389 रुपए का राजस्व प्राप्त हो रहा है। पश्चिम रेलवे के उपनगरीय मार्ग पर मध्य रेलवे की अपेक्षा एसी लोकल की मांग ज्यादा है।

पश्चिम रेलवे पर औसत रोजाना 27,65,636 यात्री सफर करते हैं। इनमें से औसत 1 लाख यात्री एसी लोकल से सफर करते हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया पश्चिम रेलवे के उपनगरीय मार्ग पर रोजाना सफर करने वाले कुल यात्री संख्या के 5 फीसदी यात्री एसी लोकल से सफर करते हैं। जबकि कुल राजस्व का 22 फीसदी राजस्व एसी लोकल से अर्जित हो रहा है। फिलहाल पश्चिम रेलवे पर 96 और मध्य रेलवे पर 66 एसी लोकल सेवाओं का संचालन रोजाना होता है। मार्च से जून के बीच पश्चिम रेलवे को 4 अतिरिक्त एसी रेक मिलने वाली थी। जिससे 40 अतिरिक्त सेवाएं संचालित हो सकती हैं लेकिन अब तक यह रेक नहीं मिले हैं। रेलवे यात्री संगठन एसी लोकल की संख्या बढ़ाने का विरोध करते रहे हैं। उनका मानना है कि इससे साधारण लोकल की संख्या कम हो जाती है।


