- अब हमसे नहीं होगा,मीरा-भाईंदर में अब निजी शैक्षणिक संस्थान चलाएंगे मनपा स्कूल
विनय दूबे
ठाणे (सं.भा.) मीरा-भाईंदर मनपा स्कूलों को ‘स्मार्ट’ बनाने की कवायद: महापौर डिंपल मेहता और विधायक नरेंद्र मेहता सहित मनपा शिक्षा विभाग की काबिल ईमानदार अधिकारियों ने निजी स्कूल संचालकों के साथ की अहम बैठक।
ज्ञात हो कि 19 जून को महापौर डिंपल मेहता की अध्यक्षता और विधायक नरेंद्र मेहता की प्रमुख उपस्थिति में मीरा-भाईंदर मनपा मुख्यालय में निजी विद्यालयों के न्यासियों व संस्थापकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मनपा के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना,आधुनिक तथा प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए साझेदारी मजबूत करना था।
बैठक के दौरान डिजिटल शिक्षा के विस्तार, नवोन्मेषी शिक्षण विधियों, कौशल विकास कार्यक्रम, खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों तथा स्कूल संरचनात्मक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई, साथ ही विद्यालय के बुनियादी ढांचे और प्रभावी शैक्षिक प्रबंधन के संबंध में कई सुझाव और प्रस्ताव दिए गए।
महापौर डिंपल विनोद मेहता ने कहा कि मनपा के छात्रों को भी निजी विद्यालयों के समकक्ष गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। विद्यालय दत्तक ग्रहण योजना के तहत अनुभवी शैक्षिक संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। विधायक नरेंद मेहता ने निजी स्कूलों से सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से मनपा स्कूलों के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार, मनपा और शिक्षा संस्थानों का समन्वय आवश्यक है।
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फायदा: मनपा विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल सिखाई व संसाधनों तक पहुंच बढ़ना, छात्रों के समग्र विकास के अवसरों में वृद्धि, सामाजिक समन्वय व निजी संस्थानों का अनुभव साझा होना।
नुकसान/चुनौतियाँ: संसाधन तथा फंडिंग की उपलब्धता पर निर्भरता, निजी संस्थानों और मनपा के उद्देश्यों में तालमेल बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, योजना के उचित क्रियान्वयन और निगरानी की आवश्यकता।
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नगरसेवक भगवती शर्मा के अनुसार, ‘दत्तक योजना’ के अंतर्गत शहर की सभी निजी शैक्षणिक संस्थाओं को यह अधिकार होगा कि वे अपनी इच्छानुसार मनपा के किसी विद्यालय को गोद लें और अपने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि का एक भाग उस विद्यालय के विकास में लगाएं। ऐसा करने पर संबंधित निजी विद्यालय की भी प्रसिद्धि होगी।
उक्त बैठक में उप महापौर ध्रुवकिशोर पाटिल,
एमबीएमसी अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत, उप आयुक्त (शिक्षा) कविता बोरकर, सहायक आयुक्त (शिक्षा) दीपाली पवार के साथ-साथ शहर के विभिन्न निजी शैक्षणिक संस्थानों के न्यासी, संस्थापक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


