एमएचबी पुलिस ने की कार्रवाई
मुंबई (सं. भा.)। मुंबई में नवरात्रि के दौरान होने वाले डांडिया को लेकर मुंबईकरों में अलग ही जूनून है। डांडिया और रास गरबा का आयोजन मुंबई में बड़े पैमाने पर किया जाता है। डांडिया और गरबा खेलने को लेकर लोग इतने पागल हैं कि आयोजको द्वारा बेचे जाने वाले महंगे -महंगे पास खरीदने से बाज नहीं आते हैं। लोगों के इसी जूनून का फायदा कुछ गलत लोग उठाते हैं और लोगों को ठगी का शिकार बना लेते हैं।

बता दें कि पश्चिम उपनगर के बोरीवली में दो बड़े रास गरबा और डांडिया के आयोजन होते हैं। उनमें एक है डांडिया क्वीन फाल्गुनी पाठक का तो दूसरा किंजल दवे का। कांदिवली पश्चिम का रहिवासी २० वर्षीय विशाल शाह ने खुद को फाल्गुनी पाठक के कार्यक्रम का अधिकृत डीलर होने का दावा करते हुए १५६ लोगों को पास बचने के नाम पर ५.१४ लाख रुपए का चूना लगा दिया। एमएचबी पुलिस ने ठगे गए लोगों की शिकायत पर विशाल शाह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार फाल्गुनी के डांडिया कार्यक्रम का पास ४,५०० रुपए में अधिकृत रुप से आयोजकों द्वारा बेचा जाता है। उसी पास को विशाल ३,३०० रुपए में बेचा था।

उसी प्रकार बोरीवली के भाजपा विधायक सुनील राणे द्वारा रंगरात्री दांडिया नाईट्स का आयोजन किया जाता है। इस कार्यक्रम में गायिका के तौर पर किंजल दवे उपस्थित रहती है। रास गरबा और दांडिया के क्षेत्र में किंजल दवे भी एक बड़ा नाम है। इसके कार्यक्रम में जाने के लिए भी डांडिया खेलने वालो में होड़ लगी रहती है। एमएचबी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर के अनुसार पुलिस उपनिरीक्षक डॉ. दीपक हिंडे को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग किंजल दवे के डांडिया नाईट कार्यक्रम का फर्जी पास बेच रहे हैं।

डॉ. हिंडे और पुलिस दल के अथक प्रयास से २९ वर्षीय करण अजय शाह हाथ लग गया। वह ग्राफिक डिजाइनर है। उसी ने किंजल शाह के डांडिया नाइट का फर्जी पास बना कर अपने परिचित दोस्तों दर्शन प्रवीण गोहिल (२४ वर्ष), परेश सुरेश नवरेकर (३५ वर्ष), कविष लालचंद्र पाटिल (२४ वर्ष) को बेचने के लिए दिया था। आरोपी लोगों को ३००० रुपए में फर्जी पास बेच रहे थे। इनके पास से ३० लाख रुपए किमत का १००० फर्जी पास, १००० होलोग्राम स्टिकर, लॅपटॉप , प्रिंटर सहित अन्य सामान पुलिस ने बरामद किए हैं। पुलिस संतोष, स्वपनील नामक आरोपियों को तलाश रही है।
एमएचबी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भा.द.वि. की धारा ४२०, ४६५ के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।


