मुंबई (सं.भा.) गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष के बीच मुंबई में 12 दिवसीय गणेशोत्सव का भावुक समापन हुआ। अनंत चतुर्दशी पर समुद्र तटों, कृत्रिम तालाबों और अन्य विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। ढोल-ताशों की गूंज और बप्पा के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य को नम आंखों से विदाई दी।
बीएमसी के अनुसार, इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में कुल 1,99,325 मूर्तियों का विसर्जन हुआ। इनमें 10,536 सार्वजनिक मंडलों की, 1,82,048 घरेलू तथा 6,741 गौरी गणपती की मूर्तियां शामिल हैं। विसर्जन के बाद बीएमसी ने समुद्र तटों और प्रमुख मार्गों पर सफाई अभियान भी शुरू किया।
मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में विसर्जन मार्गों पर सामाजिक संस्थाओं, मंडलों और जनप्रतिनिधियों की ओर से जगह-जगह स्वागत एवं सेवा पंडाल लगाए गए। श्रद्धालुओं को पानी, जलपान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे विसर्जन यात्रा के दौरान सेवा और भाईचारे की तस्वीर भी देखने को मिली।
उत्तर मुंबई के मलाड विधानसभा क्षेत्र में मार्वे रोड पर भी सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पंडाल लगाए। मालवणी नंबर-1 में विधायक असलम शेख की ओर से जलपान की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा, “भगवान जोड़ने का काम करते हैं, बांटने का नहीं। गणेशोत्सव एकता और भाईचारे की मिसाल का महापर्व है।” उन्होंने लोगों से प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। मार्वे क्षेत्र में विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणपति मंडल पहुंचे और कई बड़ी मूर्तियों के कारण मार्ग पर लंबी कतारें भी लगीं।
कांदिवली पश्चिम के एकता नगर में पूर्व नगरसेवक कमलेश यादव और नगरसेविका मनीषा कमलेश यादव ने आशीष होटल के सामने सेवा पंडाल लगाया। यहां श्रद्धालुओं को वड़ा पाव, बिस्कुट, कोल्ड ड्रिंक और पानी वितरित किया गया। कमलेश यादव ने ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ का संदेश दिया, जबकि मनीषा यादव ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
वहीं, मुंबई के प्रमुख गणपति मंडलों की विसर्जन यात्राएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं। चिंचपोकलीचा चिंतामणि का विसर्जन सुबह करीब 10 बजे, जबकि लालबागचा राजा का विसर्जन करीब 10.50 बजे गिरगांव चौपाटी पर हुआ। दोनों प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अनुशासित रूप से शामिल हुए।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और बीएमसी ने सुरक्षा, यातायात, लाइफगार्ड, एंबुलेंस, रोशनी और नियंत्रण कक्ष सहित व्यापक इंतजाम किए थे। विसर्जन पूरा होने के बाद बीएमसी द्वारा प्रमुख मार्गों और विसर्जन स्थलों की सफाई का काम भी शुरू कर दिया गया।


