मुंबई (सं. भा.) अवैध हॉकरों के पक्ष में आवाज उठाने वाली मुंबई में आज कई संस्थाए सक्रीय हैं। आम आदमी की आवाज कौन उठाएगा इस को लेकर आज भी प्रश्न बना हुआ है। संस्थाओं के बल पर मुंबई के हॉकर यहां के फुटपाथ से लेकर बस स्टॉप और सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा जमा लिए हैं। इस से आम मुंबईकर कितना प्रभावित होता है उस से न तो हॉकरों को कुछ लेना देना हैं न हॉकरों के पक्ष लेने वाली संस्थाओं को। ऐसा ही नजारा इन दिनों कांदिवली पश्चिम के चारकोप गांव के बस स्टॉप के परिसर में दिखाई दे रहा है। जहां बस क्रमांक 286 का अंतिम पड़ाव है। शाम होते ही बस स्टॉप के अगल बगल में हॉकर कब्जा जमा लेते है। उन अवैध हॉकरों के चलते वहां पर शराबियो को जमावड़ा भी बड़े पैमाने पर रोज लगता है। आम रहिवासियों को बस पकड़ेने के लिए बनाए गए बस स्टॉप पर शराबियों का कब्जा हो चुका है। इतना ही नहीं हॉकरों के अवैध कब्जे के कारण वहां इतनी जगह भी नही बचती है कि बस वहां घुस सके। ऐसे में चारकोप गांव के अंतिम बस स्टॉप से पहले ही बस को चालक द्वारा घुमा लिया जाता है। वहां बने छेड़ा कॉम्प्लेक्स सहित अन्य सोसाइटियों के लोगों को पैदल ही अपने घर जाना इन दिनों मज़बूरी बनी हुई है। इस संबंध में कई बार लोगों ने चारकोप पुलिस स्टेशन में शिकायत कर थक चुके हैं पर आजतक कोई समाधान उन्हें नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं 100 नंबर पर डायल करने के बावजूद चारकोप पुलिस वहां नहीं फटकती है। आती भी है तो सिर्फ हफ्ता वसूली कर चलते बनती है। आम रहिवासियों की स्थिति जस की तस बनी हुई है.


