- मौन बैठी स्थानीय पुलिस, यही है भूल भारी
मुंबई (सं. भा.) मुंबई उपनगर के गोरेगांव (पश्चिम) में लिंक रोड पर स्थित ‘साई रुखराज बार’ इन दिनों फिर से चर्चा केंद्र में है, यहां देर रात तक जोरदार ठूमके लग रहें हैं. इससे पहले वीडियो से पुलिस की भूमिका कटघरे में खड़ी हुई थी, तब समाजसेवा शाखा की स्पेशल टीम ने भी एक बड़ी कार्रवाई की थी. फिलहाल स्थानीय वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक की भूमिका वो ही जानें लेकिन बीट इंचार्ज की भूमिका खुलेआम संदिग्ध नजर आ रही है।

दरअसल बीयरबार संचालक पुराने कृत्य-कर्म को छिपाकर यहां पुलिस अधिकारियों गुमराह कर रहा है. जबकि स्थानीय लोगों की मानें तो बीयरबार मैनेजर की स्थानीय पुलिस के साथ बहुत अच्छी सेटिंग है. जब बांगुर नगर पुलिस स्टेशन से रूटीन जांच गाड़ी निकलती है, तो उसकी सूचना इसे तुरंत मिल जाती है. मैनेजर ने बीयरबार के आसपास बाउंसर को खड़ा कर रखा है, जिनके हाथ में चाबी के गुच्छे के साथ छोटा रिमोट दे रखा है. यह लोग पुलिस की गाड़ी देखते ही रिमोट का बटन दबाकर अलार्म बजा देते हैं. अलार्म बजते ही बीयरबार के अंदर लोग एलर्ट मोड़ पर हो जाते हैं. अश्लील डांस की परियों (लड़कियों) को बीयरबार में बने गुप्त तहखाने में छुपा दिया जाता है।
बीयर का नाम बदला, ठूमका है जारी…

बताया जाता है कि समाजसेवा शाखा के पहले डीसीपी स्क्वाड द्वारा की गई कार्रवाई ने “स्नेहा” की जगह ‘साई रुखराज बार’ नाम रखने पर भले मजबूर कर दिया, लेकिन नाम बदलने के बाद भी बीयरबार में अश्लीक डांस (ठूमकों) का दौर जारी है. कार्रवाई करने के बजाय मौन बैठी स्थानीय पुलिस से यही भूल भारी हो रही है।
विडियो ने खोली थी पोल, अब शुरू है झोल
अश्लील डांस का एक वीडियो भी पूर्व में किसी कस्टमर ने बना लिया था, जिसकी क्लिप को देख मुंबई पुलिस की समाजसेवा शाखा ने जोरदार कार्रवाई की थी, तब लगभग एक दर्जन से अधिक डांसरों को यहां से छुड़ाया था. उस दौरान पुलिस टीम इस बीयरबार के कैविटी यानी तहखाने को खोजने में नाकाम रही थी या यूं कहें कि अंजान बनी थी. अब बात चाहे जो भी हो लेकिन पुलिस की भूमिका स्थानीय लोगों की नजरों में संदिग्ध हो रही है।


