मुंबई (सं. भा.) मनपा आयुक्त प्रवीणसिंह परदेशी ने बेस्ट की बसों की संख्या 7 हजार करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत पहले चरण में बसों की संख्या 6 हजार करने की तैयारी बेस्ट प्रशासन ने की है.बेस्ट के महाप्रबंधक डॉ.सुरेंद्रकुमार बागडे के मताबिक 530 बसों के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है, जबकि 1 हजार नई बसों के लिए एक पखवाड़े के अंदर निविदा जारी की जाएगी.
बेस्ट उपक्रम पिछले कुछ सालों से आर्थिक संकट से गुजर रहा है,घाटा हर साल बढ़ रहा है नौबत यहां तक है कि कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी बैंकों से कर्ज लेना पड़ रहा है.उपक्रम की आर्थिक समस्या से उबारने के लिए मुंबई मनपा ने हर माह 100 करोड़ रुपए देने का निर्णय लिया है. आर्थिक मदद के साथ ही मनपा आयुक्त प्रवीण सिंह परदेशी ने उपक्रम के समक्ष कई तरह की शर्तों को भी रखा है.इस संदर्भ में मनपा ,बेस्ट प्रशासन एवं कामगार यूनियन के बीच एक सामंजस्य करार भी हुआ है. जिसमें यात्री किराया घटाने,बेड़े में नई निजी बसों को किराए पर लेना शामिल है.
प्रशासन की तरफ से शुक्रवार को किराया घटाने का प्रस्ताव बेस्ट समिति के समक्ष पेश किया गया था, लेकिन समिति के सदस्यों ने यह कहते हुए प्रस्ताव को मंजूरी देने से इंकार कर दिया कि तीन माह में बेस्ट बसों की संख्या नहीं बढ़ सकती है.
बेस्ट महाप्रबंधक डॉ. बागडे ने बताया कि मनपा आयुक्त के निर्देशों के तहत सभी तरह की तैयारी की जा रही है.हमारा लक्ष्य यत्रियों की संख्या प्रतिदिन 22 लाख से बढ़ा कर 50 लाख करना है.200 मिनी साधारण,200 मिनी वातानुकूलित के अलावा 50 मिडी बस के अलावा 80 इलेक्ट्रिक कुल मिलाकर 530 बसों के लिए आर्डर दिया गया है जल्द ही नई बसें बेस्ट की सेवा में शामिल हो जाएंगी.1 हजार नई निजी बसों को किराए पर लेने के लिए 10-15 दिन के अंदर निविदा जारी की जाएगी.इसके बाद 500 इलेक्ट्रिक बसों को लेने की योजना है.इस तरह निकट भविष्य में बेस्ट के बेड़े में बसों की संख्या 6000 करने की है.
डॉ. बागडे ने कहा कि नई बसों के आने से परिचालन के समय में कमी की जाएगी.बसों के लिए अलग लेन निश्चित करने की योजना है.रेलवे स्टेशन को मेट्रो से जोड़ने के लिए फीडर सेवा शुरू करने की योजना है.


