- बारामती में चाचा शरद पवार पर भारी पड़े भतीजा अजित
- महाराष्ट्र में तेलंगाना के सीएम केसीआर की पार्टी BRS ने मारी इंट्री
मुंबई (सं. भा.) : महाराष्ट्र में संपन्न हुए 2359 ग्राम पंचायत सीटों के चुनाव के नतीजे कल घोषित किए गए । खबर लिखे जाने तक करीब 2115 से अधिक सीटों पर विजेताओं का फैसला हो चुका था और बीजेपी 650 से अधिक सीटें जीतकर नंबर वन बनी हुई थी। बीजेपी के सहयोगी शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी अजित पवार गुट ने मिलकर 1200 से ज्यादा सीटों पर कब्जा कर लिया था। राज्य के कुल 2359 ग्राम पंचायतों के लिए 74 प्रतिशत मतदान हुआ था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो फाड़ होने के बाद चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार के बीच पहला चुनावी मुकाबला हुआ। इसके अलावा शिवसेना (उद्धव गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) के ताकत का फैसला भी महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में देखाने को मिला। शिंदे गुट घोषित चुनाव परिणामों में उद्धव ठाकरे गुट पर भारी पड़ता नजर आया। खबर लिखे जाने तक शिवसेना शिंदे गुट 282 सीट पर विजय हुई थी। तो, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट 106 सीट ही जीत पाई थी।
शरद पवार के गढ़ बारामती में भतीजे अजित पवार अपने चाचा पर भारी पड़े। बारामती तालुका में कुल 28 ग्राम पंचायतों के नतीजे घोषित हो गए है। इस तालुका के 26 ग्राम पंचायतों के सरपंच पद पर एनसीपी अजित पवार गुट ने कब्जा कर लिया है, जबकि दो सीटों पर बीजेपी के सरपंच चुने गए।

शरद पवार का गढ़ रहा है बारामती, भतीजे ने सारी सीटें जीतीं
बारामती शरद पवार का गढ़ रहा है। 1984 के बाद से इस सीट पर या तो शरद पवार जीते या उनके समर्थन से कोई कैंडिडेट ही जीता। खुद शरद पवार 1991 से 2009 तक इस सीट से सांसद रहे। 2009 में उन्होंने इस सीट से बेटी सुप्रिया सुले को उतारा और वह विजयी रही। पवार फैमिली के लिए बारामती गृह जिला भी है। राज्य के अन्य जिलों में अजित पवार के गुट ने शरद गुट से अधिक सीटें हासिल की हैं। धुले जिले की ग्राम पंचायतों में बीजेपी का दबदबा रहा।शिंधखेड़ा में जयकुमार रावल के नेतृत्व में बीजेपी ने 13 में से 11 ग्राम पंचायतों पर जीत हासिल कर ली। अभी तक घोषित परिणामों के अनुसार, महाराष्ट्र में अब के. चंद्रशेखर राव की बीआरएस पार्टी की भी एंट्री हो गई है। बीआरएस ने पंढरपुर में 6 और भंडारा में 9 सीटें जीती हैं।
कांग्रेस और महाअघाड़ी पंचायत चुनाव में पिछड़ी
महाराष्ट्र पंचायत चुनाव के दोपहर तीन बजे तक घोषित चुनाव परिणामों में 679 ग्राम पंचायतों में विजयी के साथ भारतीय जनता पार्टी पहले नंबर पर कायम है। प्रदेश की सरकार की अगुवाई कर रही शिवसेना (शिंदे गुट) को भी 282 पंचायतों में जीत मिली है। अजित पवार के गुट वाली एनसीपी ने भी 392 पंचायतों पर कब्जा किया है। शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को 106,कांग्रेस को 270 और शरद पवार की खेमे वाली एनसीपी को 121 पंचायतों में सफलता मिली है। छत्रपति संभाजी नगर, नाशिक, सांगली, धुले और कोल्हापुर में बीजेपी गठबंधन ने बाजी मारी है। पुणे में कांग्रेस ने 22 सीटें जीतकर अपना दबदबा बनाया है। पालघर जिले में अजित पवार का गुट और कांग्रेस को एक भी सीटें नहीं मिली हैं। धुले में बीजेपी ने 31 में से 25 ग्राम पंचायतों पर जीत हासिल की है। जलगांव में बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने एक बार फिर जामनेर में पार्टी को बड़ी सफलता दिलाई है। बीजेपी ने जामनेर की 17 ग्राम पंचायतों में से 16 में जीत हासिल की है। यह इलाका कभी एनसीपी का गढ़ माना जाता था और पार्टी के नेता एकनाथ खडसे इस इलाके में जीत का परचम लहराते रहे। मगर इस बार बीजेपी ने उन्हें पटखनी दे दी।


