- कृत्रिम बारिश कराने की है योजना
मुंबई (सं. भा.) बीएमसी प्रशासन मुंबई में वायु प्रदूषण नियंत्रण के कई दावे कर रहा है, लेकिन मुंबई की आबोहवा लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है। बीएमसी ने मुंबई आईआईटी की मदद से शहर में 30 धूल प्रतिबंधक मशीन खरीदी का निर्णय लिया है। हालांकि मशीनों को मिलने में 3 महीने का समय लग सकता है, इसलिए 2-2 एंटी स्मॉग गन किराए पर लिए हैं। इस बीच मुंबई में कृत्रिम बारिश कराने का फैसला अधर में लटकता नजर आ रहा है, क्योंकि 4 दिन बीत जाने के बाद भी इच्छुक कंपनियों की ओर से अच्छा प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। 89 करोड़ खर्च आए थे रिसर्च पर :
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार कृत्रिम बारिश के लिए 4 दिसंबर से 14 दिसंबर के बीच इच्छुक कंपनियों से आवेदन मंगाए गए हैं। इसके लिए ई-टेंडर प्रक्रिया जारी की गई है। हालांकि 4 दिन बीत चुके हैं और 6 दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन अभी तक कंपनियों की ओर से संतोषजनक प्रतिसाद नहीं मिल पा रहा है। 14 दिसंबर आखिरी तारीख है और इसके बाद कृत्रिम बारिश के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले दुबई की कंपनी से कृत्रिम बारिश पर चर्चा चल रही थी, क्योंकि दुबई और मुंबई का वातावरण समान है, इसलिए दुबई में कराई गई कृत्रिम बारिश की तकनीक को सटीक माना जा रहा है। दुबई ने ड्रोन के जरिए कृत्रिम बारिश कराई थी। कृत्रिम बारिश की प्रक्रिया बहुत महंगी है। एक वर्ग मीटर की बारिश कराने में 15 हजार रुपए का खर्च आता है। इससे पहले कर्नाटक सरकार ने 2 साल तक विमान से कृत्रिम बारिश की तकनीक पर रिसर्च किया था जिस पर 89 करोड़ रुपए खर्च आए थे।

उपनगरों में लगी एंटी स्मॉग गन : बीएमसी प्रशासन का दावा है कि दिशा- निर्देशों पर सख्ती बरतने के कारण मुंबई में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली है। हालांकि मुंबई का एक्यूआई लगातार खराब स्थिति में बना हुआ है। इस बीच वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए बीएमसी ने 30 एंटी स्मॉग गन खरीदने का फैसला किया है।
कृत्रिम बारिश के लिए हमने ई-टेंडर प्रक्रिया हमने जारी की है। इच्छुक कंपनियों से आवेदन मंगाए गए हैं। इसकी अंतिम तारीख 14 दिसंबर है। अभी 6 दिन शेष हैं। अंतिम तारीख तक जितनी कंपनियों का आवोदन प्राप्त होगा, उसकी समीक्षा की जाएगी और इसके बाद कंपनियों से चर्चा करने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। – अश्विनी जोशी, अतिरिक्त मनपा आयुक्त
नहीं सुधर रही मुंबई की आबोहवा
बीएमसी प्रशासन मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 के नीचे लाने की तमाम कोशिशें कर रहा है। इसके लिए निर्माण कार्य स्थलों पर सख्ती बरतने के साथ ही सड़कों की धुलाई जैसे तमाम उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन प्रदूषण में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। मुंबई का एक्यूआई खराब श्रेणी में बरकरार है। शुक्रवार को मुंबई में 153 एक्यूआई दर्ज किया गया। पीएम 2.5 का स्तर 43 और पीएम 10 का स्तर 95 रहा। कुर्ला 178 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित इलाकों में रहा। इसी तरह देवनार, माझगांव, मालाड, और बांद्रा में 153 एक्यूआई दर्ज किया गया।


