- डेवलपर परिवार पर करोड़ों का गबन!
बोरीवली (सं. भा.)। मुंबई के बोरीवली इलाके में एक प्रॉपर्टी डील में धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक प्लॉट का सौदा रद्द होने के बावजूद, एक डेवलपर परिवार द्वारा दूसरे डेवलपर से 2 करोड़ 32 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। इस मामले में, एमएचबी पुलिस ने एक ही परिवार के छह सदस्यों – कल्पेश कनुभाई शाह, सुकेतु भोगीलाल शाह, हर्षद कांतिलाल शाह, राहुल कांतिलाल शाह, मयूर कांतिलाल शाह और नितिन कांतिलाल शाह के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया है कि इन सभी आरोपियों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
इस धोखाधड़ी के शिकार हुए शिकायतकर्ता, मीरा रोड के रहने वाले ज़ेन नानालाल पालन हैं, जो खुद भी एक प्रतिष्ठित डेवलपर हैं और सदगुरु बिल्डर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक एक निर्माण कंपनी के मालिक हैं। उनकी कंपनी वर्तमान में मीरारोड, वाशी और विलेपार्ले जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कई इमारतों के निर्माण कार्य में सक्रिय है।

शिकायत के अनुसार, ज़ेन पालन पिछले ग्यारह वर्षों से कल्पेश शाह और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को जानते थे। बोरीवली के पॉश आईसी कॉलोनी में शाह परिवार का एक प्लॉट था, जिसे लेकर उनके बीच साढ़े छह करोड़ रुपये में खरीद-बिक्री की बातचीत हुई थी। हालांकि, कुछ कारणों से यह सौदा अंततः पूरा नहीं हो सका। इस बीच, आर्थिक तंगी से जूझ रहे ज़ेन पालन ने कथित तौर पर कल्पेश शाह और उसके भाइयों को ढाई करोड़ रुपये की बड़ी रकम उधार दी थी। उस समय, शाह परिवार ने उन्हें उसी प्लॉट को देने का वादा किया था। लेकिन, पिछले तीन वर्षों में, पालन को केवल झूठे आश्वासन ही मिलते रहे। न तो उन्हें प्लॉट का कब्जा मिला और न ही उनकी दी हुई रकम वापस की गई।
जब ज़ेन पालन को यह एहसास हुआ कि कल्पेश शाह और परिवार के पांच अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की है, तो उन्होंने आखिरकार एमएचबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत की गहन जांच के बाद शाह परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या शाह परिवार ने इसी प्लॉट को किसी और को भी बेचा है या क्या उन्होंने लोनावला स्थित अपने बंगले से संबंधित किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। यह मामला प्रॉपर्टी के सौदों में बढ़ती धोखाधड़ी की प्रवृत्ति को उजागर करता है और पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए प्रतिबद्ध है।


