- अब हॉकरों को ‘नो टेंशन’
मुंबई (सं. भा.) स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण करने के लिए स्टॉल्स और रेलवे के दफ्तरों को शिफ्ट करने वाली मध्य रेलवे जल्द ही भीड़ भरी लोकल ट्रेनों में सामान बेचने के लिए हॉकर्स को लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है। जल्द ही मुंबई की लोकल ट्रेनों में चाय, समोसे और कटी सब्जियां बेचते हुए लाइसेंसधारी हॉकर्स नजर आएंगे। इसके लिए 28 नवंबर के दिन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर बोलियां लगाई जाएंगी। एक अधिकारी ने बताया कि गैर यात्री किराया के तहत राजस्व प्राप्त करने के लिए यह योजना लाई जा रही है।
2 हजार हॉकर्स को मिलेगा लाइसेंस रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 2 हजार हॉकर्स को लाइसेंस दिया जाएगा। इनमें से 1500 हॉकर्स लोकल ट्रेनों में, जबकि 500 हॉकर्स लंबी दूरी की ट्रेनों में सामान बेचेंगे। इन्हें मुंबई डिविजन में ही सामान बेचने की अनुमति दी जाएगी। उपनगरीय और गैर उपनगरीय ट्रेनों के लिए अलग से बोलियां लगाई जाएंगी। हॉकर्स को 3 साल तक सामान बेचने की मंजूरी मिलेगी। गैर उपनगरीय ट्रेनों में खान-पान का सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी। इन ट्रेनों में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ही सामान बेचने की अनुमति होगी, जबकि लोकल ट्रेनों में खान-पान का सामान भी मिलेगा और समय की कोई सीमा नहीं होगी।

रेलवे की शर्तें लागू
- रेलवे द्वारा तय किए सामान मुद्रित दाम पर ही बेचने होंगे।
- महानगरी, राजधानी, दुरंतो, प्रीमियम ट्रेनों में नहीं होगी अनुमति।
- अधिकृत हॉकर्स को ड्रेस कोड और पहचान पत्र रखने होंगे। गैर उपनगरीय ट्रेन में 5 से ज्यादा वेंडर नहीं होगे।
- लोकल ट्रेनों में रेल नीर ही बेचना होगा। खान-पान के सामान पर दाम और तारीख मुद्रित होनी चाहिए।
- कहीं स्टेशन न बन जाएं हॉकर्स जोन!
रेलवे की ओर से हॉकर्स की संख्या निर्धारित की गई है। इसी तरह बीएमसी के हॉकर्स की संख्या भी तय है। हालांकि मुंबई में लाइसेंसधारी हॉकर्स से करीब 20 गुना ज्यादा अवैध हॉकर्स है। पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में हॉकर्स जोन बनाने की मांग हो रही है, अब रेलवे स्टेशनों पर हॉकर्स को लाइसेंस देने के बाद ट्रेनों में और स्टेशनों पर भी हॉकर जोन की मांग उठ सकती है।


