मुंबई (सं.भा.): मुंबई की रफ्तार रोज़ाना ट्रैफिक जाम में फंसकर थमती जा रही है। बढ़ती गाड़ियों और बिगड़ती हवा के बीच अब शहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त लेकिन नीतिगत सुझाव सामने आया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका- बीएमसी के भाजपा नगरसेवक मकरंद नार्वेकर ने प्रस्ताव रखा है कि शहर में अकेले व्यक्ति द्वारा उपयोग की जा रही निजी कारों पर विशेष शुल्क लगाया जाए, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके।
नार्वेकर का कहना है कि मुंबई में निजी वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जबकि सार्वजनिक परिवहन के कई विकल्प मौजूद हैं। यदि अकेले सफर करने वाली कारों पर कंजेशन टैक्स लगाया जाता है, तो लोग साझा यात्रा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर रुख करेंगे। इससे न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि वायु प्रदूषण के स्तर में भी सुधार संभव होगा। उन्होंने इस संबंध में बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी को एक प्रस्ताव भेजते हुए सुझाव दिया है कि इस नीति को पहले दक्षिण मुंबई के व्यस्त इलाकों में परीक्षण के तौर पर लागू किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार, भीड़भाड़ वाले समय में शहर में प्रवेश करने वाले निजी वाहनों से 50 से 100 रुपये तक का शुल्क लिया जा सकता है।
मकरंद नार्वेकर ने यह भी तर्क दिया कि दुनिया के कई बड़े शहरों—जैसे लंदन, न्यूयॉर्क और सिंगापुर—में पहले से इस तरह की व्यवस्था लागू है, जहां इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। उनके अनुसार, मुंबई जैसे महानगर में भी यह मॉडल कारगर साबित हो सकता है। नार्वेकर का अनुमान है कि इस योजना से सालाना 200 से 300 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है, जिसका उपयोग शहर में हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने इसे सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी की दिशा में जरूरी कदम बताया। हालांकि, इस प्रस्ताव पर बीएमसी में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तय है कि इस सुझाव ने मुंबई में ट्रैफिक सुधार को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।


