मुंबई (सं.भा.): महानगर में अग्नि-सुरक्षा और नागरिकों की जान से जुड़े नियमों की अनदेखी लगातार गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। कांदिवली (पश्चिम) के चारकोप इलाके में खुलेआम किए जा रहे गैस भंडारण और आपूर्ति ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। चारकोप पुलिस थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एस्टेट इलाके में सड़क को ही गैस गोदाम में तब्दील कर दिया गया है। आरोप है कि आशु गैस एजेंसी द्वारा एलपीजी सिलिंडरों से भरे ट्रक और टेंपो सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े कर नियमों को ताक पर रखकर घरेलू गैस की आपूर्ति होटल, छोटे कारखानों और फेरीवालों को की जा रही है। दिन-रात सड़क पर खड़े ये गैस वाहन न केवल यातायात में बाधा बन रहे हैं, बल्कि पूरे इलाके को संभावित आगजनी और विस्फोट के खतरे में डाल रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हल्की-सी चिंगारी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
इस गंभीर मामले को लेकर परिवर्तन फाउंडेशन ने एचपीसीएल के उच्च अधिकारियों को शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि घरेलू गैस सिलिंडरों की कथित ब्लैक मार्केटिंग बिना एचपीसीएल के एरिया सेल्स ऑफिसर की मिलीभगत के संभव नहीं है। साथ ही खुले में गैस सिलिंडरों का भंडारण अग्नि-सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन बताया गया है। संस्था ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिवर्तन फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो इस पूरे मामले को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, सेंट्रल विजिलेंस कमीशन, एचपीसीएल डायरेक्टर (फाइनेंस) और एचपीसीएल विजिलेंस विभाग, पेट्रोलियम हाउस, चर्चगेट तक ले जाया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है और सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।


