- गेट पर जमा हो रही पुड़ियों की टोकरी
मुंबई (सं. भा.) झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (एसआरए) के मुख्यालय में अब पान, गुटखा, मावा और तंबाकू लेकर प्रवेश करना सख्त मना है। कार्यालय में जारी नवीनीकरण और साफ-सफाई अभियान के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है ताकि परिसर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
पिछले कुछ समय से पान-गुटखा खाकर कार्यालय की दीवारों और कोनों को रंगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। इस वजह से न केवल भवन की सुंदरता बिगड़ रही थी, बल्कि सफाई कर्मियों के लिए यह अतिरिक्त बोझ भी बन रहा था। स्वच्छता बनाए रखने और राज्य सरकार के 100 दिवसीय स्वच्छता अभियान को समर्थन देने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने पान-गुटखा लेकर प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

अब गेट पर प्रत्येक आगंतुक की तलाशी ली जा रही है। यदि किसी के पास पान, गुटखा, मावा या तंबाकू पाया जाता है, तो उसे बाहर रखवाया जा रहा है। अधिकतर लोग इन्हें वहीं छोड़कर चले जाते हैं, जिससे हर दिन गेट पर पुड़ियों से भरी टोकरी जमा हो रही है।
एसआरए कार्यालय में प्रतिदिन पांच हजार से अधिक नागरिक और बिल्डर विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पिचकारी वीरों की आदतें कार्यालय की स्वच्छता पर भारी पड़ रही थीं। एसआरए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल परिसर की स्वच्छता के लिए नहीं, बल्कि आने वाले आगंतुकों को भी एक सकारात्मक वातावरण प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि अपेक्षा है कि लोग लौटते समय अपनी वस्तुएं साथ ले जाएं, लेकिन ऐसा कम ही होता है। यही कारण है कि हर दिन बड़ी मात्रा में तंबाकू-पान की पुड़ियां गेट पर जमा हो रही हैं। साफ-सफाई को लेकर इस कठोर फैसले से उम्मीद की जा रही है कि अब ‘पिचकारी वीरों’ की आदतों पर अंकुश लगेगा और परिसर की स्वच्छता बनी रहेगी।


