अतर्रा (सं. भा.) : दबंगई दिखाते हुए कुछ लोगों ने मानसिक मंदित गरीब महिला की झोपड़ी में आग लगा दी। इसमें उसकी गृहस्थी राख हो गई। शिकायत करने पहुंची तो मारपीट की गई। वह न्याय की आस में थाने के चक्कर लगाती रही पर दबाव में पुलिस ने एक नहीं सुनी। आखिर में भिक्षा मांग गुजरबसर करने वाली पीड़िता ने एसपी कार्यालय की चौखट पर दस्तक दी, जिसके बाद उसकी रिपोर्ट लिखी गई। अब पुलिस जांच की बात कह रही है।
ग्राम नगनेधी निवासी 60 वर्षीय सोनिया मायके में झोपड़ी बनाकर रहती हैं। बेसहारा महिला मानसिक मंदित होने के चलते भिक्षा मांग जीवन यापन करती है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि एक माह पहले जब वह गांव के बाहर मांगने चली गई थी। तभी गांव के ही अवधेश, विनोद, रामस्वरूप, बउरा, राजेंद्र, अर्जुन व बुद्धउ ने झोपड़ी में आग लगा दी। पांच हजार नकदी, कपड़े, अनाज समेत गृहस्थी का सामान जल गया। पड़ोसियों से घटना की जानकारी हुई। शिकायत करने पहुंची तो मारपीट की। पुलिस के पास पहुंच कार्रवाई की गुहार लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने, गाली गलौज समेत मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष हरीशरण सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांचकर कार्रवाई की जाएगी।


