बांदा (सं. भा.) : हादसे में सात मौतों के बाद भी वाहनों की रफ्तार काबू नहीं हो रही है। देहात कोतवाली क्षेत्र में ट्रक की टक्कर लगने से ऑटो सवार किशोर की मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
चिल्ला कस्बे की ओर से एक ऑटो चालक रविवार सुबह शहर की ओर आ रहा था। देहात कोतवाली के पपरेंदा व लामा गांव के बीच पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक चालक ने टक्कर मार दी। इससे ऑटो अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया। हादसे में ऑटो सवार 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। उसके साथ वाहन में सवार शहर के मोहल्ला कटरा निवासी कैलाश का पुत्र बीस वर्षीय विनीत गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपित चालक ट्रक समेत फरार हो गया। राहगीरों ने क्षतिग्रस्त वाहन व घायलों की पुलिस को सूचना दी। कोतवाली निरीक्षक रुकुम पाल सिंह ने एंबुलेंस 108 से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने वाट्सएप ग्रुपों पर मृतक की फोटो वायरल की, जिसके बाद शिनाख्त हो सकी। कोतवाल की सूचना पर स्वजन अस्पताल पहुंचे।
रात में रुक गया था पपरेंदा गांव में : शहर के मोहल्ला बंगालीपुरा निवासी जाकिर अली का पुत्र 13 वर्षीय असलान रोडवेज बसों में पानी व पापकार्न बेचता था। बड़े भाई दानिश ने बताया कि शनिवार रात करीब पौने दस बजे वह कानपुर की एक बस में पपरेंदा गांव तक गया था। रातभर वहीं रुका रहा। रविवार सुबह जब वह ऑटो से शहर आ रहा था, तभी हादसे का शिकार हो गया। इधर, निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपित ट्रक चालक का पता करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी मार्ग पर सात की गई थी जान : गुरुवार रात भी इसी रोड पर साढ़े तीन किमी दूर जमालपुर के पास रोडवेज बस व ऑटो की भिड़ंत में बच्ची समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। अभी लोग उस हादसे को भूल भी नहीं पाए थे। एक बार फिर तेज रफ्तार ने किशोर की जान ले ली।
दो वर्ष पहले से जेल में है पिता : दिवंगत असलान के बड़े भाई दानिश ने बताया कि वह तीन भाइयों में मंझला था। उससे छोटा 12 वर्षीय अरशद व दो बहनें नौ वर्षीय जन्नत, सात वर्षीय जोया हैं। पिता पर दो वर्ष पहले चमरौडी मोहल्ले की एक महिला ने गंभीर धाराओं में मुकदमा किया था, जिसमें वह जेल में हैं। पिता नगर पालिका का वाहन चलाते थे। उनके जेल जाने के बाद घर खर्च चलाने के लिए असलान रोडवेज बस स्टैंड की पास की दुकान का सामान यात्रियों को बेचने लगा था। वह खुद भी इसी तरह दूसरे के यहां काम करता है। हादसे से मां पीरबन्नो समेत अन्य स्वजन बेहाल हो गए।
मदरसे में नाजरा की कर रहा था पढ़ाई : बड़े भाई ने बताया कि दुकान में काम करने के साथ असलान नरैनी रोड स्थित रब्बानिया मदरसे में नाजरा कक्षा दो की पढ़ाई करता था। इस समय उसकी छुट्टियां चल रही थीं।


