दुखहर्ता गणपति गजानन,
प्रभूजी हाथ जोड़के नमन बा।
लागेला चहुंदिश सुहावन,
प्रभूजी हाथ जोड़के नमन बा।।
हरदम निहारीला राउर मुरतिया,
केहू क नाहीं बा अइसन सुरतिया।
सोनवां क लागल बा आसन
प्रभूजी हाथ जोडके नमन बा।।
हारफूल नरियल ले अइबै अकेला
पूजा करब रोज भोरवैं के बेला।
महिमा बा जगवा में पावन
प्रभूजी हाथ जोडके नमन बा।।
मंडप में आके भजनियां सुनइबै,
श्रद्धा सुमन साथे मोदक चढइबै।
लागै छटा इ लुभावन
प्रभुजी सदा आपके नमन बा।।
गीतकार: रसियाकुमार


