मुंबई (सं. भा.) | झोपड़पट्टी क्षेत्रों में मनपा प्रशासन द्वारा गली गली से कचरा जमा करने के लिए व्यवस्था की गई है फिर भी बड़ी संख्या में ऐसे गंदे लोग है जो घरों का कचरा कुंडी में न डालकर नालियों और गटरों में फेक देते है जो बरसात में जाम का कारण बनता है| प्रमुख नालों, ड्रेनेज लाइन और नदियों में कचरा फेंकनेवालों पर मनपा सीसीटीवी कैमरे से नजर रखेगी। कचरा फेंकनेवालों पर मनपा दंडात्मक कार्रवाई करेगी। खुले गटर, ड्रेनेज और नदियों में कचरा जमा होने से बरसाती पानी की निकासी में बड़ी समस्या होती है, जिसे लेकर मनपा ने अब ये कदम उठाए हैं।
मुंबई में कई ठिकानों पर मनपा के बार-बार चेतावनी के बावजूद लोग प्लास्टिक, पेपर अन्य वस्तुओं को नाले में फेंक रहे हैं, जिससे यह जाम हो जाते हैं और बरसाती पानी की निकासी में समस्या आती है। तेजगति से बरसाती पानी नहीं निकल पाता है। नतीजतन जगह-जगह जलजमाव होता है। ट्रैफिक जाम होता है।
दो दिन पहले मुंबई में भारी बारिश से हुई समस्या को देखते हुए मनपा मुख्यालय से शुक्रवार को इस संदर्भ में वॉर्ड ऑफिस को निर्देश जारी हुआ कि मुंबई के सभी बड़े नालों, ड्रेनेज और नदियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से करें और साथ ही लोगों में जागृति बढ़ाने का प्रयास भी करें। नालों, नदियों और ड्रेनेज में कचरा फेंकनेवालों पर कैमरे की नजर होगी, जो लोग कचरा फेंकते पाए जाएंगे, उन पर २०० रुपए दंड लगाया जाएगा। बता दें कि मुंबई में प्रमुख ड्रेनेज, नाले और नदियों की लंबाई ६८९ किमी है, जिनमें ड्रेनेज २४८ किमी हैं, बड़े नाले ४२१ किमी लंबे हैं तो प्रमुख नदियों की लंबाई २० किमी है।


