मुंबई (सं. भा.) पिछले एक महीने से कड़े प्रतिबंधो का सामना कर रहे राज्य के लोगों को अभी कोई राहत नही मिलने वाली है राज्य में १५ जून तक लॉकडाउन की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि पहली लहर ने बुजुर्गों को प्रभावित किया और दूसरी लहर से युवा वर्ग ज्यादा प्रभावित हुए। ऐसा अंदाजा है कि तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होने वाला है। हमें बच्चों को सुरक्षित रखना है। इसकी हमने व्यापक तैयारी की है। हमने टास्क फोर्स गठित किया है। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों का आह्वान करते हुए हमने ‘माझा डॉक्टर’ मुहिम शुरू की है।

फैमिली डॉक्टर बखूबी निभाएं जिम्मेदारी
डॉक्टरों से संवाद साधा. हम फैमिली डॉक्टरों को निर्देश दे रहे हैं कि वे मरीजों को स्थिति खराब होने से पहले उसका ध्यान रखें। उनकी हालत खराब होने से बचाएं। सही समय पर इलाज ना हो पाने की वजह से उनकी स्थिति खराब हो जाती है। अगर फैमिली डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे तो हम मरीजों की स्थिति खराब होने से बचा पाएंगे। और जहां अस्पताल जाने की नौबत आए तो मरीजों को तुरंत अस्पताल भेजने की कोशिश करें। यह जिम्मेदारी फैमिली डॉक्टर निभाएंगे। बरसात आ रही है।
कोरोना का नया स्ट्रेन काफी घातक पिछली बार का वायरस और इस बार का वायरस अलग है। कोरोना का नया स्ट्रेन अधिक घातक है। नए स्ट्रेन का फैलाव काफी तेजी से होता है। तीसरी लहर में कैसा होगा ये भी कह नहीं सकते।
ऑक्सीजन बेड तत्काल बढ़ाये गए। जब ऐसे फोन आ रहे थे कि अस्पताल में कुछ ही घंटों का ऑक्सीजन बचा है तब बहुत मुश्किल समय था। लेकिन तब हमने पूरी तैयारी की और मरीजों के लिये ऑक्सीजन की व्यवस्था की।
कोरोना मुक्त गांव का मकसद लेकर आगे बढ़ें
उन्होंने कहा कि हमने इस बीच उद्योगपतियों और उद्यमियों से भी बात की। अगर लॉकडाउन की परिस्थिति कायम रही तो अर्थव्यवस्था संकट में ना आए, ऐसी योजना हमें ध्यान में रखनी है। माझी कुटुंब, माझी जबाबदारी ( मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी मुहिम का अच्छा प्रभाव हुआ. हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना जैसे नियमों का पालन करते रहना है। जिस तरह हमने अपना घर कोरोना मुक्त किया उसी तरह क्या हम एक और ऐसी मुहिम नहीं चला सकते ‘माझा कोरोना मुक्त गांव ?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमें अपना अपना गांव कोरोना मुक्त करना होगा. इस तरह से प्रत्येक गांव कोरोना मुक्त करने का लक्ष्य हमें अपनाना होगा। अगर गांव कोरोना मुक्त होगा तो महाराष्ट्र कोरोना मुक्त होगा। महाराष्ट्र की कोरोना नियंत्रण करने के मुहिम की देश भर में तारीफ की गई है। अगर गांव कोरोना मुक्त होगा तो देश कोरोना मुक्त होगा। ढील में कोई ढिलाई नहीं बरतने का मुख्यमंत्री ने आह्वान किया। महाराष्ट्र में अभी भी कई जिले ऐसे हैं जहां नियम हल्के करके देखा तो वहां केसेस बढ़ने लगे।


