फतेहपुर (सं. भा.)। कल्याणपुर पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाला चौडगरा पुलिस चौकी क्षेत्र में अवैध धंधा करने वालों का संरक्षक बना हुआ है। इन अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने में चौडगरा पुलिस चौकी में तैनात सिपाही बजरंग सबसे प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण क्षेत्र में अवैध रुप से खनन करने वाले माफिया तत्व हैं जो शाम ढलते ही चौडगरा पुलिस चौकी पर जमावड़ा लगाए बैठे नजर आते हैं।
गौरतलब है कि सिपाही बजरंग का हाथ सिर्फ खनन माफियाओं के आर्थिक लेनदेन से ही नहीं दबा हैं। क्षेत्र में चलने वाले जुए के अड्डों से लेकर शराब के अवैध कारोबारियों से भी सिपाही बजरंग की खूब छनती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बजरंग या उसके जैसे अन्य पुलिस के सिपाहियों पर आम जनता की सुरक्षा से लेकर समाज कंटक तथा अवैध धंधा करने वालों पर नकेल कसते हुए उनके खिलाफ कानूनी रुप से कड़ी कार्रवाई करना है। चौडगरा पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस सिपाही बजरंग का इन दोनो ही दायित्वों से दूर दूर का नाता नहीं दिखाई पड़ता है। बतातें चले की फतेहपुर जनपद के कल्यानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मौहार गांव व कंकराबाद गांव की जमीन से जुड़े एक भूखंड पर एनजीटी के मानक व नियमों की धज्जियां लगातार उड़ाई जा रही हैं। वहां हाईटेंशन लाइन के नीचे अवैध खनन तो हुआ ही हैं साथ ही बिजली के पोल के नीचे की मिट्टी को खोदकर वहा तालाब जैसा स्वरूप लगातार दिया जा रहा है। भूखंड से सटे आसपास के कई गाटा संख्या में पीएनसी के नाम पर अवैध खनन किया जा रहा है।
हाईटेंशन लाइन के नीचे खनन हो या फिर चकरोड के समीप किया जा रहा खनन हो बड़ी बूम (पोकलैंड) मशीन के साथ वहां खनन किया जाता है। वहां मानक से अधिक खुदाई व परमिशन के नाम पर किसान के साथ एग्रीमेंट को हथियार बनाते हैं। ऊंचे , ऊंचे टीले नुमा जगहों को मानक से अधिक खुदाई कर या तो समतल कर दिया जाता है या फिर तालाब स्वरूप दे दिया जाता है। ऐसे खनन से राज्य सरकार के राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। जब भी कोई पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत करता है तो चौडगरा चौकी में तैनात सिपाही बजरंग खनन माफियाओं को सचेत कर अधिकारियों को भी गुमराह करता है।
हाल ही में जिलाधिकारी अपूर्व दुबे के साथ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल द्वारा ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक सैकड़ा से अधिक गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। जिससे अवैध और लोडिंग संचालकों में हड़कंप मच गया. दूसरी ओर जनपद के औंग थाना व कल्यानपुर क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन से अधिक जनपदों में मौरंग की ढूलाई करने वाले ओवरलोड संचालकों के खिलाफ एक भी गाड़ी के ऊपर कार्रवाई ना होने से आला अधिकारियों के मातहतों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए है। चौडगरा पुलिस चौकी के पुलिस वाले अवैध खनन माफियाओं के अलावा अवैध शराब विक्रेताओं के साथ किस तरह मिले हुए हैं। इस का प्रत्यक्ष उदाहरण मौहार ग्राम निवासी राजू चौहान उर्फ रामवीर चौहान बना है। चौहान सरकारी ठेके से शराब ला कर अवैध रुप से मौहार गांव में बेचता है। इसके खिलाफ कोई उच्च अधिकारी कार्रवाई करने की कोशिश करता है तो चौडगरा पुलिस चौकी में तैनात सिपाही बजरंग शराब माफिया चौहान को तुरंत सूचित कर देता हैं। चौहान के घर से पूर्व में चोरी की बाइक बरामद हुई थी। चौडगरा पुलिस चौकी ने जांच के नाम पर पूरे मामले को रफादफा कर दिया है। पुलिस के उच्चाधिकारी चाहें तो सिपाही बजरंग के दोनो मोबाइल को सर्विलांस पर रख कर जांच करें तो उसके काले कारनामें उजागर हो सकते हैं।


