पालघर (सं. भा.) । कोरोना की रफ़्तार जैसे जैसे कम होती जा रही है प्रशासन उसमे ढील देता जा रहा है जिसका असर पर्यटन स्थलों पर देखा जा सकता है। पालघर जिला प्रशासन ने कोविड-19 महामारी के हालात में सुधार आने पर विभिन्न बांध, झरने, नदियों और समुद्र तटों जैसे कई पर्यटक स्थलों के आसपास लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने वाले अपने पहले के आदेश में संशोधन किया है। जिलाधिकारी माणिक गुरसाल द्वारा शनिवार को जारी संशोधित आदेश के अनुसार, पहले का निषेधाज्ञा आदेश बांध, झरने, नदियों और किलों जैसे पर्यटक स्थलों के एक किलोमीटर के दायरे तक लागू रहेगा।
उन्होंने कहा कि चूंकि सात तालुक वाला पालघर जिला एक पर्यटक जिला है तो पूर्ण प्रतिबंध वाले पहले के आदेश में संशोधन की आवश्यकता है। पहले के 10 जून के आदेश में वसई को छोड़कर सात तालुका नदियों, किलों, समुद्र तटों और झरनों में आठ अगस्त तक लोगों के प्रवेश की मनाही थी ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। संशोधित आदेश नौ अगस्त तक प्रभावी रहेगा. एक अधिकारी ने बताया कि संक्रमण दर और ऑक्सीजन बिस्तरों की उपलब्धता के लिहाज से कोविड- 19 की स्थिति में सुधार होने पर पालघर जिला अब राज्य की अनलॉक योजना के दूसरे चरण के तहत आता है।


