- कल्याणपुर थाना के अंतर्गत सक्रिय है खनन माफिया
- खनन के खेल में उच्च अधिकारीयों के शामिल होने का आरोप
फतेहपुर (सं.भा.): गंगा और जमुना के तलहटी चेत्र से निकलने वाला बालू और मोरंग निर्वाण क्षेत्र में दशकों से सदियों से उपयोग किये जाते है। आम लोगों के लिए भले ही यह रेत हो लेकिन बालू माफियाओं के लिए सोने की खदान है। इसके लिए सरकार से अनुमति लेकर पट्टा लिया जाता है जिसमे सिर्फ हाथ से खुदाई कर रेत निकलने की शर्त होती है। इसके अलावा भी प्रशासन कई शर्तें लागू करता है लेकिन अधिकारीयों से साठगाठ कर खनन माफियाँ शर्तों की धज्जियां उड़ाते है।ऐसा ही मामला उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले के कल्यानपुर पुलिस थाना के अंतर्गत देखने को मिल रहा है जहाँ गुनिर मवैया क्षेत्र में खनन माफियाँ जेसीबी मशीन से खुदाई कर प्रति दिन कई डम्पर मिटटी के नाम पर बालू निकाल रहे है।

स्थानीय लोगों का आरोप है की मिटटी का पट्टा लेकर बालू निकाली जा रही है खनन के इस खेल में कुछ तथाकथित मीडियाकर्मी भी शामिल बताये जा रहे है। जो उपमुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक के साथ अपनी तस्वीर खिंचवाकर पुलिस अधिकारीयों के साथ जिलाधिकारी को भी मैनेज करते है लोगों की इस आशंका को इस बात से भी बल मिलता है की क्षेत्रीय मिडियाकर्मी इस मुददे को शासन और प्रशासन की नज़र में ख़बरों के माध्यम से नहीं उठा रहे है. कुछ लोग तो दबी जुबां से ये भी कहते है की खनन का यह खेल जिलाधिकारी की जानकारी में खेला जा रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया की करीब १०० साल पहले गंगा जी यहाँ से बहती थी जिससे यहाँ मिटटी के नीचे बालू का भंडार भरा हुआ है। इस बात को समझते हुए खनन माफियाँ मिटटी का पट्टा लेकर बालू निकाल रहे है ।


