मुंबई (स भा): घर खरीदने वाले आम आदमी को अवैध निर्माण की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे महानगरपालिका (TMC) को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मनपा अपने क्षेत्र में निर्माण करने वाले डेवलपर्स के लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर एक विस्तृत जानकारी वाला बोर्ड लगाना अनिवार्य करे। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
कोर्ट के निर्देशानुसार, इस बोर्ड पर डेवलपर को जमीन के मालिक का नाम, बिल्डर का नाम, प्रोजेक्ट शुरू होने की तारीख से लेकर प्लान को स्वीकृति मिलने की तारीख, काम शुरू होने के प्रमाण पत्र की तारीख और प्रोजेक्ट का पूरा विवरण क्यूआर कोड के साथ लिखना अनिवार्य होगा। यह नियम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होगा, ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से प्रोजेक्ट की वैधता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके और क्यूआर कोड की मदद से सीधे मनपा की वेबसाइट पर विवरण देख सके।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस आरिफ डॉक्टर की बेंच ने दिवा की 17 अवैध बिल्डिंगों के खिलाफ टीएमसी द्वारा की गई तेजी से कार्रवाई की सराहना भी की। हालांकि, बेंच ने मनपा को अवैध निर्माण से निपटने के लिए एक मॉडल मशीनरी बनाने का भी प्रयास करने को कहा, जिसका अन्य स्थानीय निकाय भी पालन कर सकें। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गठित की गई 9 टीमें साल भर काम करती रहें।
टीएमसी के वकील ने बेंच को आश्वस्त किया कि अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को तार्किक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, बेंच ने ठाणे पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में मनपा को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराएं। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को है।
बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला: अवैध निर्माण पर लगेगी लगाम, बिल्डरों को साइट पर लगानी होगी पूरी जानकारी वाला बोर्ड
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