विधायक चौघुले ने SIT जांच की मांग की
भिवंडी (प्रमोद कुमार): मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय भाजपा विधायक महेश प्रभाकर चौघुले ने इन अनधिकृत गतिविधियों के पीछे बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और MMRDA के प्रमुख नियोजक मिलिंद पाटील को इन अवैध निर्माणों का संरक्षणदाता बताया है। विधायक चौघुले ने इस मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और MMRDA आयुक्त को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें उन्होंने मिलिंद पाटील के तत्काल निलंबन और मामले की सख्त जांच की मांग की है।
जानबूझकर अड़चनें और राजस्व का नुकसान
विधायक चौघुले के निवेदन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर निर्माण परमिट देने में बाधा डाल रहे हैं। वे विकासकों को डराकर आर्थिक लेनदेन के माध्यम से बिना अनुमति के काम शुरू करने की छूट दे रहे हैं। भिवंडी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध गोडाउन और इमारतें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। चौघुले ने दावा किया कि यह भ्रष्टाचार बहुत गहराई तक फैला हुआ है और इसकी जड़ में मिलिंद पाटील और उनके सहयोगी अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
आयुक्त ने संभाला मोर्चा, SIT जांच की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, MMRDA आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि आयुक्त ने मिलिंद पाटील से सभी अधिकार वापस ले लिए हैं और अतिरिक्त महानगर आयुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, विधायक चौघुले यहीं नहीं रुके हैं। उन्होंने इस प्रकरण की SIT (विशेष जांच दल) जांच की भी मांग की है और कहा है कि वे आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जांच में क्या खुलासे होते हैं और क्या MMRDA में चल रहे इस कथित भ्रष्टाचार पर लगाम लग पाती है।


