मुंबई (सं. भा.) : कांदिवली के एक प्ले स्कूल की दो महिला टीचरों द्वारा वहां पढ़ने आने वाले छोटे व मासूम बच्चों के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सख्त टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कम उम्र के बच्चों के साथ क्रूर बर्ताव होने पर उनकी मानसिक व शारीरिक सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए बच्चों के सिर पर किताब मारना, झकझोकरना और उन्हें चिकोटी काटने जैसे आरोपों का सामना कर रही टीचर को गिरफ्तारी से राहत नहीं दी जा सकती। कांदिवली के एक प्ले स्कूल की टीचर भक्ति शाह की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।
बता दें कि कांदिवली पुलिस ने टीचर भक्ति शाह के खिलाफ किशोर न्याय कानून अधिनियम 2015 व 2020 की धारा 23 एवं 75 के तहत एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए शाह ने अग्रिम जमानत अर्जी दायर की है। न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई के समक्ष जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने कहा कि प्रकरण से जुड़े सीसीटीवी फुटेज प्रथम दृष्टया मामले में आरोपी टीचर की संलिप्तता का खुलासा करते हैं। वह बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करती नजर आ रही हैं। यह अपराध को अधिक गंभीर बनाते हैं।



