मुंबई (सं.भा.): मुंबई में अपराध की कई घटनाएं लोग अलग-अलग रूपों में सुनते रहते हैं। कहीं चोरी और मारपीट, तो कहीं नशे और महिलाओं से छेड़खानी के मामले सामने आते हैं। लेकिन मुंबई के मालाड से जो घटना उजागर हुई है, उसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहां नशामुक्ति के नाम पर चल रहे एक फाउंडेशन में नाबालिग लड़कियों के साथ कथित तौर पर दुराचार किया गया और एक पीड़िता का जबरन गर्भपात कराए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। मालवणी पुलिस ने इस मामले में नशामुक्ति फाउंडेशन के निदेशक, महिला सह-निदेशक समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह घटनाक्रम 24 जनवरी 2024 से 6 फरवरी 2025 के बीच मालाड के मालवणी इलाके में स्थित नशामुक्ति केंद्र में हुआ।
पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को इलाज के लिए इस केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इसी दौरान फाउंडेशन के निदेशक ने न सिर्फ उसके साथ बल्कि उसकी एक सहेली के साथ भी कई बार दुराचार किया। दोनों नाबालिगों को जान से मारने की धमकी देकर लंबे समय तक चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पुलिस का आरोप है कि इस संवेदनशील जानकारी को पुलिस या परिजनों तक पहुंचाने के बजाय महिला सह-निदेशक ने नाबालिग का जबरन गर्भपात करा दिया।
जांच में केंद्र के दो अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है, जिनके नाम प्राथमिकी में शामिल किए गए हैं। मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान दोनों पीड़िताओं ने गुरुवार को मालवणी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फाउंडेशन के निदेशक, सह-निदेशक समेत चारों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।


