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लोकगीत

जब से हमरा के सपना से प्यार हो गइल।

यार सुख चैन दोनों हमार खो गइल।।

 

पहिली नजर में भयल जियरा घायल,

छम छम  जहिया  सुना देहनी पायल।

तीर हमरा करेजवा के पार हो गइल*

यार सुख चैन दोनों हमार खो गइल।।

 

एनके  हँसी  में  गजब  क  बा जादू,

हम नाहीं रख पवली अपना पे काबू।

वोनसे हमरा नयनवां इ चार हो गइल*

यार सुख चैन दोनों हमार खो गइल।।

 

एनके बिना अब ना जिनगी में रस बा,

होई  मिलन  एनसे  अबकी बरस बा।

जाने काहें इ दिल बेकरार हो गइल*

यार सुख चैन दोनों हमार खो गाइल।।

 

गीतकार: रसियाकुमार

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