मुंबई (सं.भा.): मामा – भांजी के पवत्रि रश्तिे को शर्मशार कर देने वाली घटना का खुलासा तो हुआ ही। कांदविली पुलसि ने भायंदर खाड़ी में मलिी दीपक कलगुटकर नामक युवक की लाश की गुत्थी भी सुलझा लयिा है। दीपक की हत्या करने के जुर्म में कांदविली पुलसि ने कलयुगी मामा को गरिफ्तार कर लयिा है।
गौरतलब है कि कांदविली पुलसि स्टेशन की हद में रहने वाली १९ वर्षीय अपनी ही भांजी से २७ वर्षीय मामा सूरज वश्विकर्मा को प्यार हो गया था, लेकनि उसके बीच में लडक़ी का प्रेमी प्यार में दीवार बनकर खड़ा हो गया।
कांदविली पुलसि के अनुसार भांजी से उसके प्रेमी को दूर करने के लिए मामा ने प्लान बनाया। प्रेमी दीपक कलगुटकर को मामा १२ मई को मुंबई से सटे भायंदर खाड़ी के पास लेकर गया और उसे खूब बीयर पलिाई। जब दीपक नशे में चूर हो गया तब मामा सूरज उसे भायंदर खाड़ी के ऊपर बने रेल्वे पूल पर फ़ोटो नकिालने के बहाने लेकर गया और धोके से धक्का मारकर खाड़ी में गरिा दयिा। दूसरी तरफ जब दीपक कलगुटकर दो दनिों तक घर नहीं लौटा तो १४ मई को उसके घर वालों ने कांदविली पुलसि स्टेशन में गुमसुदगी की शकिायत दर्ज कराई।

पुलसि ने टेक्नकिल एवडिेंस की मदद से जब जांच करना शुरू कयिा तो पता चला की दीपक को सूरज कांदविली रेलवे स्टेशन से भायंदर की तरफ लेकर गया था।
मामले की जांच के दौरान कांदविली पुलसि को वसई समुद्र के कनिारे एक लावारशि लास मलिने की जानकारी मलिी, जसिके बाद पुलसि ने उसका फ़ोटो दीपक के घर वालों को दखिाया तो उसकी पहचान हो गईं।लेकनि तब तक वसई पुलसि ने मृतक को लावारशि समझ कर दफना दयिा था।
कांदविली पुलसि द्वारा मृतक की लाश को जमीन खोदकर दुबारा बाहर नकिाला गया और उसका पोस्टमार्टम कराकर उसके घर वालों को सौप दयिा।
गरिफ्तारी के बाद की गई जांच में सूरज ने अपनी भांजी के साथ प्यार होने की बात कबूली। साथ ही भांजी के प्रेमी दीपक को हत्या के उदेश्य से भायंदर खाड़ी में धकेलने का अपना जुर्म भी कबूल कर लयिा।


