- ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात
- 26 करोड़ की आएगी लागत
मुंबई (सं. भा.) पश्चिमी उपनगर के कांदिवली पश्चिम की ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए मनपा प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मनपा का मन परिवर्तन हुआ है इसलिए उपेक्षित क्षेत्रों को भी विकसित करने का निर्णय लिया जा रहा है। गौरतलब हो कि मुंबई मनपा ने कांदिवली पश्चिम के पारेख नगर में पोइसर नदी पर नया ब्रिज बनाने का निर्णय लिया है। यह पुल पुराने पुल को तोड़ कर बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर बीएमसी करीब 26 करोड़ रुपए खर्च करेगी। बीएमसी ब्रिज विभाग की तरफ से इस आशय का प्रस्ताव बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिसे कमिश्नर ने अपनी स्वीकृति दे दी है। बीएमसी अधिकारी ने कहा कि कार्यादेश जारी होने के बाद ब्रिज निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
इस पुल के बन जाने से स्कूली बच्चों, पैदल यात्रियों को राहत मिलेगी। कांदिवली के पारेख नगर में 29 मीटर चौड़े पोइसर नदी पर नये ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। पोइसर नदी पर बना पुराना ब्रिज जर्जर हालत में पहुंच गया है। इसलिए उस ब्रिज को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। बीएमसी अब जर्जर हो चुके पुराने ब्रिज के स्थान पर नया ब्रिज बनाएगी।

मुंबई मनपा खर्च करेगी 26 करोड़ रुपए
यातायात बंद होने के बाद से ही स्थानीय नागरिक नया बनाने की मांग की जा रहे थे। बीएमसी आर दक्षिण विभाग के अंतर्गत आने वाले पारेख नगर में पोइसर नदी पर बना पुराना ब्रिज यातायात के जर्जर घोषित कर दिया गया था। बीएमसी ब्रिज विभाग के अधिकारी ने बताया कि नये ब्रिज के निर्माण से आस-पास इलाके के पैदल यात्रियों, स्कूली बच्चों, और वाहनों के लिए ब्रिज से आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
सिलिकॉन वैली को मिला ठेका
बीएमसी ने ब्रिज के निर्माण के मेसर्स टीपीएफ इंजीनियरिंग प्रा. लि. को प्लान तैयार करने के लिए 53 लाख 22 हजार 812 रुपए फीस का भुगतान किया था। बीएमसी ब्रिज विभाग ने नये ब्रिज के निर्माण पर 32 करोड़ 45 लाख रुपए खर्च आने का अनुमान लगाया था। बीएमसी द्वारा जारी की गई निविदा में 10 ठेकेदारों ने भाग लिया था, जिसमें एपीआई सिलिकॉन वैली ने अनुमानित राशि से 20.99 प्रतिशत कम दर पर बोली लगा कर ठेका हासिल किया है, जो अन्य कंपनियों के मुकाबले सबसे कम है.. सभी टैक्स सहित ब्रिज के निर्माण पर 25 करोड़, 96 लाख 72 हजार 451 रुपए खर्च होंगे। ठेकेदार को वर्क आर्डर जारी होने के 15 दिन के भीतर काम शुरू करना होगा।


